सुप्रीम कोर्ट ने नहीं बल्कि सोनिया गाँधी सरकार ने अद्यादेश लाकर लगाया था जलीकट्टू पर प्रतिबन्ध

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जलीकट्टू के असली पापी कोई और नहीं बल्कि कांग्रेस और उसकी सरगना सोनिया गाँधी और मनमोहन सिंह है
जलीकट्टू पर झूठ फैलाया गया की, पेटा की याचिका पर अकेले सुप्रीम कोर्ट ने जलीकट्टू पर प्रतिबन्ध लगा दिया

अब जाकर खुलासा हुआ है की, इस जलिकट्टू त्यौहार को मनमोहन सिंह ने भारत का सबसे बड़ा निर्दयी क्रूर त्यौहार बताया था और इस पर प्रतिबंध लगाने के लिए उन्होंने पत्र भी लिखा था

पहले कोर्ट ने जलीकट्टू पर प्रतिबंध लगाने से मना कर दिया, क्योंकि कोर्ट ने कहा कि 5000 साल से चली आ रही है परंपरा लोगों के विश्वास से जुड़ी हुई है जिसमे दखलंदाजी करना उचित नहीं है

फिर भारत सरकार ने अध्यादेश लाकर जलीकट्टू पर प्रतिबंध लगा दिया । असल में यह झूठ फैलाया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने जलीकट्टू पर प्रतिबंध लगाया है, सुप्रीम कोर्ट भारत सरकार के अध्यादेश से बंधा हुआ है, सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिबंध इसी अध्यादेश के आधार पर लगाया है जो की मनमोहन सिंह और उसकी सरकार द्वारा लाया गया। इसी अध्यादेश को आधार बनाकर सुप्रीम कोर्ट में जलीकट्टू पर चुनौती दी गई थी

और इसी अद्यादेश में बंधे होने के कारण सुप्रीम कोर्ट को निर्णय लेना पड़ा, और आज जब तमिलनाडु में लोग एकजुट हो गए, तो यही कांग्रेस जलीकट्टू के समर्थन का दिखावा कर पुरे देश को मुर्ख बना रही है

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