सऊदी के धर्मगुरु ने कहा, “गैर अरबी मुस्लिम कनवर्टेड है, और हमारे कुत्ते कहलाने के लायक है”

0

सऊदी अरब वो देश या वो इलाका है जहाँ 6वीं सदी में मुहम्मद ने इस्लाम की नींव रखी थी इस्लाम फिर धीरे धीरे सऊदी अरब से होते हुए अन्य देशों में फैला भारत में इस्लाम फ़ैलाने में मुस्लिम हमलावरों का हाथ रहा, उन्होंने भारत के कई इलाकों पर कब्जा किया और लोगों का धर्मान्तरण करवाया, औरंगजेब ने तो धर्मान्तरण के लिए रेट भी फिक्स किये हुए थे
मुस्लिम सैनिको को धर्मान्तरण का काम सौंपा जाता था, एक इंसेंटिव कार्यक्रम की तरह अधिक धर्मान्तरण करवाने वालो को पैसे दिए जाते थे टीपू सुल्तान ने भी दक्षिण में यही किया, खैर

सऊदी अरब के मुसलमान स्वयं को सबसे उच्च मुसलमान मानते है, और दूसरे मुसलमानो को अपने से नीचे का मुसलमान माना जाता है, यहाँ तक की इस्लामिक स्टेट में भी अरबी मुसलमानो को
उच्च पद दिए जाते है, और गैर अरबी मुसलमानो को निम्न पद दिए जाते है

सऊदी अरब के पूर्व राजा किंग अब्दुल्लाह ने तो यहाँ तक कह दिया था की, “भारतीय और पाकिस्तानी मुसलमान हमारी तरह कपडे पहनकर अरबी बनने की कोशिश न करे, हम हैंडसम लगते है, और वो दाढ़ी उगाकर ऐसे लगते है जैसे अपने चेहरे पर जंगल उगा ली हो”

सऊदी अरब में आज भी भारतीय पाकिस्तानी बांग्लादेशी मुसलमानो को “अल हिंदी मसकीन” कहा जाता है जिसका मतलब है ऐसे मुसलमान जिनको इस्लाम में अरबी मुसलमानो द्वारा धर्मान्तरित किया गया सऊदी अरब का ऐसा ही एक वहाबी धर्मगुरु है, जिसका नाम है मुहम्मद अल अरीफ़ी मुहम्मद अल अरीफ़ी ने तो किंग अब्दुल्लाह से भी 1 कदम आगे बढ़ते हुए कह दिया की, “सिर्फ अरबी मुसलमान ही सच्चे मुसलमान है, और पैगम्बर के वंशज है  जितने भी गैर अरबी मुसलमान है, तो सभी शुद्ध धर्मान्तरित है, उनको तो खुद को मुस्लिम कहते हुए शर्म आनी चाहिए, वो हमारे कुत्ते कहलाने के लायक है”

Loading...

Leave a Reply