सबसे बड़ी मस्जिद के इमाम एक औरत के साथ कमरे में नंगे पकडे गए MMS हुआ लीक

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एक इमाम ने भूत भगाने के नाम पर महिला के साथ रेप किया। इमाम की करतूत को मोहल्ले के लोगों ने रंगे हाथ पकड़ा। लोगों का आरोप है कि इमाम के कमरे से कुछ आवाजें आ रही थी तो हमने कमरे को खोलकर उसे रंगे हाथ पकड़ा। इमाम का ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, इसमें बिजनौर के जामा मस्जिद का एक बड़ा इमाम अनवारुल हक महिला के साथ आपत्तिजनक हालत में दिख रहा है।


महिला का आरोप है कि तंत्र-मंत्र के बहाने से कमरे में ले गया और फिर उसके साथ जबरन ये सब कर रहा था। उसके पति को जब यह बात पता चली तो उसने लोगों के बुलाकर इमाम का वीडियो बनाया। ताकि इमाम की सच्चाई सामने आ सके।
वहीं इमाम अनवारुक हक ने कहा है कि उसे साजिश के तहत फंसाया गया है। महिला ने पहले घर पर बुलाया और फिर नशा दे दिया। उसके कपड़े उतार दिए और इस बीच उसके पति ने मारपीट करते हुए वीडियो बना लिया। दोनों तरफ से एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ थाने में शिकायत दी है।
इमाम अनवारुल हक की मानें तो वो कुछ दिन पहले वो रात के समय दवाई लेकर घर लौट रहा था। रास्ते में कुछ बदमाशों ने मारपीट और लूटपाट की। उसकी बीवी के साथ बदतमीजी भी की गई। अनवारुल हक ने बिजनौर के थाना नजीबाबाद में एक व्यक्ति के खिलाफ तहरीर दी, जो वीडियो दिख रही महिला का पति है। इसलिए दोनों मिलकर उसे फंसाने की कोशिश की।

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  1. Curriculum Vitae

    P S Daima & Sons
    45 KM Stone, Delhi-Rohtak Road,
    Vill. Rohad, Haryana-124507/MASTER.GIRANTHSINGH
    Giranth Singh .production.manajar .STAREXPORTHOUSE.READYMENTGARMENTS Contact No. 9215094811
    9416545833/9210450794

    Career Objective
    I want to be a successful person in my life with leadership qualities and to be honest toward myself with hardworking skill.

    Academic Profile
     High School from U.P. Board in year 1979.

    Personal Profile
     Date of Birth : 15Th Feb 1964
     Grand Father’s Name : Birsaho
     Father’s Name : Kaddi Ram Vaidh
     Mother’s Name : Masuka Devi
     Nationality : Indian
     Sex : Male
     Marital Status : Married
     Language : Hindi & English
     Vidhan Sabha : Patyali
     STD Code : 05740
     PIN Code : 207243
     Permanent Address-1 : Village Hakim Ganj, P/o Thana Daryav Ganj,
    Thl. Patyali, Disst. Kassi Ram Nagar, UP

     Rent Address-1 : 401/7, Ashok.mohalla.nangloi.Delhi-41
    [email protected]

    COMPUTER KNOWLEDGE
     Basic & Fundamental .

    Declaration
    I hereby declared that all the facts given here are true to my knowledge.

    Date :

    Place: (MASRER.Giranth Singh

    P S Daima & Sons
    45 KM Stone, Delhi-Rohtak Road,
    Vill. Rohad, Haryana-124507/MASTER.GIRANTHSINGH
    Giranth Singh .production.manajar .STAREXPORTHOUSE.READYMENTGARMENTS Contact No. 9215094811
    9416545833प मेरा रंग दे बसंती चोला, माए रंग दे
    मेरा रंग दे बसंती चोला

    दम निकले इस देश की खातिर बस इतना अरमान है
    एक बार इस राह में मरना सौ जन्मों के समान है
    देख के वीरों की क़ुरबानी अपना दिल भी बोला
    मेरा रंग दे बसंती चोला …

    जिस चोले को पहन शिवाजी खेले अपनी जान पे
    जिसे पहन झाँसी की रानी मिट गई अपनी आन पे
    आज उसी को पहन के निकला हम मस्तों का टोला
    मेरा रंग दे बसंती चोला …P S Daima & Sons
    45 KM Stone, Delhi-Rohtak Road,
    Vill. Rohad, Haryana-124507/MASTER.GIRANTHSINGH
    Giranth Singh .production.manajar .STAREXPORTHOUSE.READYMENTGARMENTS Contact No. 9215094811
    9416545833प Utter Pradesh me
    Kamal. Khilega. Har har. Modi
    Ghar ghar. Kamal. Khilega
    Aur hamesha. Khilta. Rahega.
    Jab tak Suraj chand rahega.
    BJP. Tera nam.rahega.
    Jay.bharat.mata.ki
    Kar de madat garib ki tera sukhi rahe sansar
    Bachho ki kilkari se gunje sara sansar
    Nary ka samman karo garibo ki madat karo
    Desh ke.kone.kone.me.nary.ka.samman.hona.chahiye.
    Giranthsinghmourya.bjp.india
    GIRANTHSINGH.MOURYA.NORTH.WEST.DELHI.NANGLOI.JAT.BJP.STATE.DELHI.—.
    जितना पत्थर मारोगे , हम ऊंचे उठते जायेगे |
    जितना पीछे खींचोगे, हम आगे बढ़ते जायेगे |
    व्रत लिया है हमने , भारत माँ की सेवा का ,
    भारत माँ की सेवा में ही , जीवन सकल लुटायेगे
    नहीं डरेगे नहीं झुकेगे ,कभी किसी की धमकी से ,
    दुनिया की सबसे बड़ी ताकत , भारत को बनाएगे.JAY.HO.GONGA.JEE.MAHARAJ.KI.GIRANTHSINGHMOURYA.BJP.INDIA

    (कर चले हम फ़िदा जान-ओ-तन साथियों
    अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों) – (2)

    साँस थमती गई नब्ज़ जमती गई
    फिर भी बढ़ते क़दम को न रुकने दिया
    कट गये सर हमारे तो कुछ ग़म नहीं
    सर हिमालय का हमने न झुकने दिया
    मरते मरते रहा बाँकपन साथियों, अब तुम्हारे …

    ज़िंदा रहने के मौसम बहुत हैं मगर
    जान देने की रुत रोज़ आती नहीं
    हुस्न और इश्क़ दोनों को रुसवा करे
    वो जवानी जो खूँ में नहाती नहीं
    आज धरती बनी है दुल्हन साथियों, अब तुम्हारे …

    राह क़ुर्बानियों की न वीरान हो
    तुम सजाते ही रहना नये क़ाफ़िले
    फ़तह का जश्न इस जश्न के बाद है
    ज़िंदगी मौत से मिल रही है गले
    बाँध लो अपने सर से कफ़न साथियों, अब तुम्हारे …

    खींच दो अपने खूँ से ज़मीं पर लकीर
    इस तरफ़ आने पाये न रावण कोई
    तोड़ दो हाथ अगर हाथ उठने लगे
    छूने पाये न सीता का दामन कोई
    राम भी तुम तुम्हीं लक्ष्मण साथियों, अब तुम्हारे …
    आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं झाँकी हिंदुस्तान की
    इस मिट्टी से तिलक करो ये धरती है बलिदान की
    वंदे मातरम …

    उत्तर में रखवाली करता पर्वतराज विराट है
    दक्षिण में चरणों को धोता सागर का सम्राट है
    जमुना जी के तट को देखो गंगा का ये घाट है
    बाट-बाट पे हाट-हाट में यहाँ निराला ठाठ है
    देखो ये तस्वीरें अपने गौरव की अभिमान की,
    इस मिट्टी से …

    ये है अपना राजपूताना नाज़ इसे तलवारों पे
    इसने सारा जीवन काटा बरछी तीर कटारों पे
    ये प्रताप का वतन पला है आज़ादी के नारों पे
    कूद पड़ी थी यहाँ हज़ारों पद्मिनियाँ अंगारों पे
    बोल रही है कण कण से कुरबानी राजस्थान की
    इस मिट्टी से …

    देखो मुल्क मराठों का ये यहाँ शिवाजी डोला था
    मुग़लों की ताकत को जिसने तलवारों पे तोला था
    हर पर्वत पे आग लगी थी हर पत्थर एक शोला था
    बोली हर-हर महादेव की बच्चा-बच्चा बोला था
    वीर शिवाजी ने रखी थी लाज हमारी शान की
    इस मिट्टी से …

    जलियाँ वाला बाग़ ये देखो यहाँ चली थी गोलियाँ
    ये मत पूछो किसने खेली यहाँ ख़ून की होलियाँ
    एक तरफ़ बंदूकें दन दन एक तरफ़ थी टोलियाँ
    मरने वाले बोल रहे थे इंक़लाब की बोलियाँ
    यहाँ लगा दी बहनों ने भी बाज़ी अपनी जान की
    इस मिट्टी से …

    ये देखो बंगाल यहाँ का हर चप्पा हरियाला है
    यहाँ का बच्चा-बच्चा अपने देश पे मरनेवाला है
    ढाला है इसको बिजली ने भूचालों ने पाला है
    मुट्ठी में तूफ़ान बंधा है और प्राण में ज्वाला है
    जन्मभूमि है यही हमारे वीर सुभाष महान की
    इस मिट्टी से … अपनी आज़ादी को हम हरगिज़ मिटा सकते नहीं
    सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नहीं

    हमने सदियों में ये आज़ादी की नेमत पाई है
    सैंकड़ों कुर्बानियाँ देकर ये दौलत पाई है
    मुस्कुरा कर खाई हैं सीनों पे अपने गोलियां
    कितने वीरानों से गुज़रे हैं तो जन्नत पाई है
    ख़ाक में हम अपनी इज्ज़त को मिला सकते नहीं
    अपनी आज़ादी को हम हरगिज़ मिटा सकते नहीं…

    क्या चलेगी ज़ुल्म की अहले-वफ़ा के सामने
    आ नहीं सकता कोई शोला हवा के सामने
    लाख फ़ौजें ले के आए अमन का दुश्मन कोई
    रुक नहीं सकता हमारी एकता के सामने
    हम वो पत्थर हैं जिसे दुश्मन हिला सकते नहीं
    अपनी आज़ादी को हम हरगिज़ मिटा सकते नहीं…

    वक़्त की आवाज़ के हम साथ चलते जाएंगे
    हर क़दम पर ज़िन्दगी का रुख़ बदलते जाएंगे
    गर वतन में भी मिलेगा कोई गद्दारे वतन
    अपनी ताकत से हम उसका सर कुचलते जाएंगे
    एक धोखा खा चुके हैं और खा सकते नहीं
    अपनी आज़ादी को हम हरगिज़ मिटा सकते नहीं…

    हम वतन के नौजवाँ है हम से जो टकरायेगा
    वो हमारी ठोकरों से ख़ाक में मिल जायेगा
    वक़्त के तूफ़ान में बह जाएंगे ज़ुल्मो-सितम
    आसमां पर ये तिरंगा उम्र भर लहरायेगा
    जो सबक बापू ने सिखलाया भुला सकते नहीं
    सर कटा सकते है लेकिन सर झुका सकते नहीं…
    गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु
    गुरुर्देव महेश्वरा
    गुरु साक्षात परब्रह्म
    तत्समये श्री गुरुवे नम:

    जहाँ डाल डाल पर सोने की चिड़ियाँ करती है बसेरा
    वो भारत देश है मेरा…

    जहाँ सत्य अहिंसा और धर्म का पग-पग लगता डेरा
    वो भारत देश है मेरा…

    ये धरती वो जहाँ ॠषि मुनि जपते प्रभु नाम की माला
    जहाँ हर बालक एक एक मोहन है और राधा इक एक बाला
    जहाँ सूरज सबसे पहले आ कर डाले अपना फेरा
    वो भारत देश है मेरा…

    जहाँ गंगा, जमुना, कृष्ण और कावेरी बहती जाए
    जहाँ उत्तर, दक्षिण, पूरब, पश्चिम को अमृत पिलवाये
    ये अमृत पिलवाये
    कहीं ये तो फल और फूल उगाये, केसर कहीं बिखेरा
    वो भारत देश है मेरा…

    अलबेलों की इस धरती के त्योहार भी हैं अलबेले
    कहीं दीवाली की जगमग है होली के कहीं मेले
    जहाँ राग रंग और हँसी खुशी का चारों ओर है घेरा
    वो भारत देश है मेरा…

    जहाँ आसमान से बातें करते मंदिर और शिवाले
    किसी नगर में किसी द्वार पर कोई न ताला डाले
    और प्रेम की बंसी यहाँ बजाता आये शाम सवेरा
    वो भारत देश है मेरा…

    जहाँ सत्य अहिंसा और धर्म का पग-पग लगता डेरा
    वो भारत देश है मेरा… ऐ मेरे प्यारे वतन, ऐ मेरे बिछड़े चमन
    तुझपे दिल कुर्बान, तू ही मेरी आरज़ू
    तू ही मेरी आबरू, तू ही मेरी जान

    तेरे दामन से जो आए उन हवाओं को सलाम
    चूम लूँ मैं उस ज़ुबां को जिसपे आए तेरा नाम
    सबसे प्यारी सुबह तेरी, सबसे रंगीं तेरी शाम
    तुझपे दिल कुर्बान…

    माँ का दिल बन के कभी सीने से लग जाता है तू
    और कभी नन्हीं सी बेटी बन के याद आता है तू
    जितना याद आता है मुझको, उतना तड़पाता है तू
    तुझपे दिल कुर्बान…

    छोड़ कर तेरी ज़मीं को दूर आ पहुंचे हैं हम
    फिर भी ये ही तमन्ना तेरे ज़र्रों की कसम
    हम जहाँ पैदा हुए, उस जगह ही निकले दम
    तुझपे दिल कुर्बान

    ये देश है वीर जवानों का, अलबेलों का मस्तानों का
    इस देश का यारों क्या कहना, ये देश है दुनिया का गहना

    यहाँ चौड़ी छाती वीरों की, यहाँ भोली शक्लें हीरों की
    यहाँ गाते हैं राँझे मस्ती में, मचती में धूमें बस्ती में

    पेड़ों पे बहारें झूलों की, राहों में कतारें फूलों की
    यहाँ हँसता है सावन बालों में, खिलती हैं कलियाँ गालों में

    कहीं दंगल शोख जवानों के, कहीं करतब तीर कमानों के
    यहाँ नित नित मेले सजते हैं, नित ढोल और ताशे बजते हैं

    दिलबर के लिये दिलदार हैं हम, दुश्मन के लिये तलवार हैं हम
    मैदां में अगर हम डट जाएं, मुश्किल है कि पीछे हट जाएं

    हम लाए हैं तूफ़ान से कश्ती निकाल के

    पासे सभी उलट गए दुश्मन की चाल के
    अक्षर सभी पलट गए भारत के भाल के
    मंजिल पे आया मुल्क हर बला को टाल के
    सदियों के बाद फिर उड़े बादल गुलाल के

    हम लाये हैं तूफ़ान से किश्ती निकाल के
    इस देश को रखना मेरे बच्चो संभाल के
    तुम ही भविष्य हो मेरे भारत विशाल के
    इस देश को रखना मेरे बच्चो संभाल के …

    देखो कहीं बरबाद न होवे ये बगीचा
    इसको हृदय के ख़ून से बापू ने है सींचा
    रक्खा है ये चिराग शहीदों ने बाल के
    इस देश को रखना मेरे बच्चो संभाल के
    हम लाये हैं तूफ़ान से किश्ती निकाल के…

    दुनिया के दांव पेंच से रखना न वास्ता
    मंजिल तुम्हारी दूर है लंबा है रास्ता
    भटका न दे कोई तुम्हें धोके में डाल के
    इस देश को रखना मेरे बच्चो संभाल के
    हम लाये हैं तूफ़ान से किश्ती निकाल के…

    एटम बमों के ज़ोर पे ऐंठी है ये दुनिया
    बारूद के इक ढेर पे बैठी है ये दुनिया
    तुम हर क़दम उठाना जरा देखभाल के
    इस देश को रखना मेरे बच्चो संभाल के
    हम लाये हैं तूफ़ान से किश्ती निकाल के…

    आराम की तुम भूल भुलय्या में न भूलो
    सपनों के हिंडोलों में मगन हो के न झूलो
    अब वक़्त आ गया मेरे हंसते हुए फूलो
    उठो छलांग मार के आकाश को छू लो
    तुम गाड़ दो गगन में तिरंगा उछाल के
    इस देश को रखना मेरे बच्चो संभाल के
    हम लाये हैं तूफ़ान से किश्ती निकाल के…
    झण्डा ऊँचा रहे हमारा
    विजयी विश्व तिरंगा प्यारा – 2
    झण्डा ऊँचा रहे हमारा

    सदा शक्ति बरसाने वाला
    प्रेम सुधा सरसाने वाला
    वीरों को हर्षाने वाला
    मातृभूमि का तन मन सारा – 2
    झण्डा ऊँचा रहे हमारा …

    स्वतंत्रता के भीषण रण में
    लखकर जोश बढ़े क्षण क्षण में
    काँपे शत्रु देखकर मन में
    मिट जावे भय संकट सारा
    झंडा ऊँचा रहे हमारा

    आओ प्यारे वीरों आओ
    देश धर्म पर बलि-बलि जाओ
    एक साथ सब मिल कर गाओ
    प्यारा भारत देश हमारा
    झण्डा ऊँचा रहे हमारा …

    शान न इसकी जाने पाये
    चाहे जान भले ही जाये
    सत्य की विजयी कर दिखलाएं
    तब होए प्रण पूर्ण हमारा – 2
    झण्डा ऊँचा रहे हमारा …

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