सभी दिशाओं में अपने ही देश में पिट रहा हिन्दू, और साथ में असहिष्णु भी घोषित किया जा रहा

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आज हम आपको कहानी का पूरा सार, और कहिये की पिक्चर की पूरी तस्वीर दिखाने की कोशिश कर रहे है भारत किसके देश था, हिन्दुओ का, जैनियों का, बौद्धों का सिखों का, यानि कुल मिलाकर भारत सनातन धर्मी लोगों का देश था

और दूसरी चीज ये की, आज के बचे कूचे भारत में सांप्रदायिक और असहिष्णु कौन कहलाता है ? तो जवाब है हिन्दू ही सांप्रदायिक और असहिष्णु कहलाता है, यहाँ तक की सरकारें भी हिन्दू आतंकवाद की व्याख्या कर चुकी है और तीसरी चीज ये की, खोया किसने और पाया किसने ?

ईसाईयों ने पुरे नार्थ ईस्ट को ईसाई बाहुल्य बना दिया, ईसाईयों ने तो बेशक पाया मुसलमानो ने तो 2 देश बना दिए, और बचे भारत के एक बड़े भूभाग पर बहुसंख्यक है, बेशक मुसलमानो ने खूब पाया  खोया केवल और केवल हिन्दू ने और हिन्दुओ के पास कुछ भी नहीं बचा हिन्दुओ के पास बचा तो केवल सेकुलरिज्म

आज के इस भारत को ही देख लीजिये, जम्मू कश्मीर से लेकर केरल तक और गुजरात से लेकर बंगाल तक, असम तक, और बाकी नार्थ ईस्ट में तो हिन्दू बचा ही कहा हर जगह हिन्दू ही मार खा रहा है, हिन्दू को बंगाल में पूजा की इज़ाज़त नहीं, हिन्दू को केरल में हिन्दू धर्म में आस्था रखने की इज़ाज़त नहीं, हिन्दू को जिन्दा जला दिया गया, हिन्दू को उसी के घर से भगा दिया गया

और इन सब चीजों के बाबजूद, देश में सांप्रदायिक भी हिन्दू ही कहलाया और देश में असहिष्णु समाज भी हिन्दू ही कहलाया, हिन्दू ने सेकुलरिज्म में सबकुछ खोया पाया कुछ नहीं

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