पीएम मोदी ने पूरा किया पारदर्शिता का वादा, पीएमओ के अधिकारियों का वेतन करवाया सार्वजनिक

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पीएम मोदी के कार्यालय में हाल ही में तैनात किये गए सचिव भास्कर खुल्बे पीएमओ के अधिकारियों में सबसे ज्यादा वेतन पाने वाले नौकरशाह हो गए हैं, पीएओ ने अपने सभी अधिकारियों के वेतन की जानकारी वेबसाइट के जरिये सार्वजनिक कर दी है। सूचना के अधिकार के नियमों के अनुसार पीएमओ ने खुद की पहल पर ये खुलासा किया है।

पीएमओ द्वारा दिये गए जानकारी के अनुसार 1983 बैच के आईएएस अधिकारी भास्कर खुल्बे सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले अधिकारी है। उनकी सैलरी 2,01,450 रुपये प्रति महीने है, उनको पिछले सप्ताह ही पीएम का सचिव नियुक्त किया गया है, इससे पहले वो अतिरिक्त सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। पीएमओ में तीन सबसे बड़े अधिकारियों में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव नृपेन्द्र मिश्रा, अतिरिक्त प्रधान सचिव पी के मिश्रा और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को 1,62,500 रुपये प्रति महीने वेतन मिलता है। इन तीनों का वेतन इसलिये समान है क्योंकि तीनों ही रिटायर्ड सरकारी अधिकारी हैं।

पीएमओ में काम करने वाले सभी अधिकारियों की तनख्वाह सार्वजनिक की गई है, यहां काम कर रहे पीआरओ को हर महीने 99,434 रुपये सैलरी मिलती है, पीएम मोदी के पुराने सहयोगी रहे जे एम ठक्कर को 99,434 रुपये, पीएमओ में नियुक्त सूचना अधिकारी शरत चंदर को 1.26 लाख प्रति महीने, संयुक्त सचिवों में तरुण बजाज को सबसे ज्यादा 1,77,750 रुपये, जबकि अनुराग जैन को 1,76,250 रुपये और ए के शर्मा को 1,73,250 रुपये मिलता है।

पीएमओ में काम करने वाले 20 मल्टी टास्किंग स्टाफ (पिउन) और 25 ड्राइवरों की सैलरी भी सार्वजनिक की गई है, पीएम मोदी के पारदर्शिता के वायदों के मद्देनजर ये कदम उठाया गया है। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में भी पीएमओ ने अपने अधिकारियों की सैलरी सार्वजनिक की थी, साल 2012 में तत्कालीन प्रधानमंत्री के सलाहकार टी के ए नायर, तत्कालीन सुरक्षा सलाहकार शिव शंकर मेनन, विशेष प्रतिनिधि एस के लांबा और पीएम के तत्कालीन प्रधान सचिव पुलक चटर्जी को हर महीने 1.61 लाख रुपये मिलते थे, जिसमें 1.11 लाख रुपये सैलरी और 50 हजार रुपये पेंशन होती थी।

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