पीलिया में रामबाण का काम करता है फिटकरी और मूली के पत्तों का रस

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पीलिया में फिटकरी और मूली के पत्तो का रस बहुत उपयोगी हैं। अगर आप पीलिया का इलाज कर रहे हैं तो निश्चिन्त हो कर इसको अपनाये। इससे आपको सही होने में बहुत मदद मिलेगी।

इस्तेमाल का तरीका

मूली के पत्तो का रस

मूली के पत्तो और टहनियों का रस 50 ग्राम में 10 ग्राम मिश्री मिलाकर प्रात: खाली पीने से सब प्रकार के पीलिया में लाभ होता है और इससे एक सप्ताह के भीतर पीलिया रोग दूर हो जाता है।

फिटकरी

गुलाबी ( अथवा बढ़िया सफेद फिटकरी ) फूली हुई पीसकर 1/8 ग्राम से आधा ग्राम ( 2 से 4 रत्ती ) की मात्र में गाय की छाछ ( या दही ) की साथ दिन में तीन बार पिलाने से पीलिया कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है। आवश्यकता अनुसार 3 से 8 दिन ले।

सहायक उपचार भी ज़रूर करे

  1. लिव 52 टॅब्लेट्स ( हिमालय ड्रग्स कंपनी की आयुर्वेदिक पेटेंट ओषधि) 2 गोली दिन में तीन बार नियमित भोजन के बाद लेने से पीलिया में शीघ्र लाभ होता हैं। एलोपैथिक डॉक्टर भी इसे खुलकर प्रयोग करते है। औषिधि पर्याप्त लम्बे समय तक प्रयोग के पश्चात भी कोई हानिकारक प्रभाव नही दिखाती है।

2. सवेरे खाली पेट दो संतरे रोज खाने या संतरे का रस पीने से पांच सात दिन में कई बार, रोग समूल नष्ट होते देखा गया है।

3. छाछ एक गिलास में एक चुटकी काली मिर्च मिलाकर लगातार एक सप्ताह तक ले।

4. एक कप पानी में एक चम्मच ग्लूकोज डालकर सुबह दोपहर और रात में पीने से लाभ होता है।

5. सफेद बोतल में तीन चौथाई पानी भरकर धुप में ६ से ७ घंटे रख देने के बाद ठंडा होने पर ऐसा सूर्य तापित पानी के पिने से पानी के दोष समाप्त हो जाते है और पीलिया में यह सफेद बोतल का पनि विशेष लाभप्रद सिद्ध होता है।

6. पुदीने का रस निकालकर सुबह पीसी हुयी मिश्री मिलाकर पीने से पीलिया में लाभ होता हैं। दस दिन तक ले।

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