नोटबंदी के फैसले के बाद युवाओं के सबसे बड़े नेता बने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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जहां एक ओर पूरा का पूरा विपक्ष नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ खड़ा नजर आ रहा है। वहीं प्रधानमंत्री को देश के युवाओं का पूरा साथ मिल रहा है। नोटबंदी के फैसले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के युवा वर्ग के सबसे बड़े नेता के रुप में उभर कर सामने आए हैं। 2014 में उनकी सरकार बनने के बाद भी अब तक जो भी सर्वे हुए हैं उसमें भी वो मजबूत स्थिति में ही नजर आएं हैं। लेकिन, अब उनके ताजा फैसले ने एक बार फिर युवाओं का दिल जीत लिया है। युवाओं का मानना है कि उनका नोटबंदी का फैसला बिलकुल सही है। इस फैसले से ना सिर्फ ब्‍लैक मनी खत्‍म होगी। बल्कि देश में आतंकवाद और नक्‍सलवाद पर भी लगाम लगेगी। देश के महानगरों के करीब 82 फीसदी युवा मोदी के सपोर्ट में खड़े हैं।

दरसअल, अभी मंगलवार को ही एक सर्वे सामने आया था। ये सर्वे इनसॉर्ट ने ग्‍लोबल मार्केट रिसर्च कंपनी IPSOS की मदद से किया था। सर्वे देश के दस महानगरों में किया था। सर्वे के नतीजे बताते हैं क‍ि देश की 84 फीसदी जनता नोटबंदी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ है। इस रिपोर्ट के मुताबिक इन 84 फीसदी लोगों में करीब 80 फीसदी लोग युवा हैं। जिनकी उम्र 35 साल या उससे कम हैं। मतलब साफ है कि मोदी इस वक्‍त युवाओं के सबसे बड़े नेता के तौर पर एक बार फिर सामने आए हैं। 500 और 1000 का नोट बंद कर उन्‍होंने देश के युवाओं का दिल जीत लिया है। युवा इस फैसले का खुलकर समर्थन कर रहे हैं। विराट कोहली जैसे युवा क्रिकेटर भी उनके साथ खड़े नजर आ रहे हैं।

युवा क्रिकेटर विराट कोहली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले को महानतम फैसला करार दिया है। सिर्फ विराट कोहली ही नहीं बल्कि वीरेंद्र सहवाग भी उनके समर्थन में खड़े हैं। पूरा का पूरा बॉलीवुड भी मोदी के इस फैसले की तारीफ कर रहा है। बस अगर उनकी तारीफ नहीं हो रही है कि वो है सियासी गलियारा। जहां इस वक्‍त भी हंगामा मचा हुआ है। संसद के शीतकालीन सत्र में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, बीएसपी और समाजवादी पार्टी जैसे दल खुलकर उनका विरोध कर रहे हैं। जबकि संसद के बाहर आम आदमी पार्टी उनके फैसले के खिलाफ खड़ी हुई है। नोटबंदी के खिलाफ विपक्ष के सांसद राष्‍ट्रपति भवन तक मार्च भी निकाल रहे हैं। लेकिन, इन सब के बाद भी युवा बिना डिगे प्रधानमंत्री के फैसले के साथ खड़ा हुआ है।

IPSOS ने नोटबंदी पर इस सर्वे में करीब पांच लाख लोगों की राय जानी थी। इसके अलावा इस सर्वे में दो लाख 69 हजार ऐप यूजर्स को भी शामिल किया गया है। इस सर्वे में नई दिल्‍ली, चंडीगढ़, बेंगलुरु, चेन्‍नई, मुंबई, पुणे, कोलकाता, हैदराबाद, अहमदाबाद और लखनऊ के लोगों से उनकी राय जानी गई। जिसमें 84 फीसदी लोग मोदी के समर्थन में हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से भी जो रिपोर्टस आ रही हैं उसके मुताबिक किसान और गांवों में रहने वालों का कहना है कि उन्‍हें थोड़ी परेशानी जरुर हो रही है लेकिन, सरकार का 500 और 1000 के नोट को बंद करने का फैसला एकदम सही है। आम जनता का कहना है कि इस वक्‍त नींद सिर्फ उन लोगों की हराम हो रखी है जिनके पास ब्‍लैक मनी है।

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