इलाहबाद के मीरगंज के वैश्यालय के कोठा नंबर 44 में जन्मे थे जवाहरलाल नेहरू

8

नेहरू के जन्म को लेकर लोग अपना अगल अलग मत देते हैं। लेकिन इस बार उनके जन्म को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। जवाहर लाल नेहरू के पिता मोतीलाल नेहरू अधिक पढे लिखे व्यक्ति नहीं थे। कम उम्र में विवाह के बाद जीविका की खोज में वह इलाहबाद आ गये थे। उसके बसने का स्थान मीरगंज था, ये मीरगंज वही स्थान है जहां एक समय तुर्क और मुगल अपहृत हिन्दू महिलाओं को अपने मनोरंजन के लिए रखते थे। मोतीलाल नेहरू तीसरी पत्नी के साथ जीविका चलाने के लिए वेश्यालय में शाम को हुक्का पेशी का कार्य करने लगे।

वहीं इनका परिचय उच्च न्यायलय में एक प्रसिद्द वकील मुबारक अली से हुआ जिन्होंने दिन के समय मोतीलाल नेहरू से कचहरी में मुख्तार का काम लेना शुरू कर दिया| इसी बीच मोतीलाल नेहरू की तीसरी पत्नी ने नोहरू को मीरगंज के वेश्यालय में कोठा नम्बर 44 में जन्म दिया। इसके बाद जब वो पीएम बने तो उन्होंने तुरंत मीरगंज का वह मकान तुड़वा दिया। अफवाह फैला दी की वह आनद भवन (इशरत महल) में पैदा हुआ था जबकि उस समय आनंद भवन था ही नहीं।

इसी विषय को ले कर इलाहाबाद हाईकोर्ट में कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नेहरू के जन्म स्थान से जिस्मफरोशी का धंधा बंद कराकर यहां पंडित नेहरू की मूर्ति लगाने, जन्म स्थली को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने के साथ मीरगंज मोहल्ले का सौंदर्यीकरण कराकर इसे नई पहचान दिलाने की मुहिम चला रखी है। इलाहाबाद जिला प्रशासन से कई बार गुहार लगाने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

जिस पर जस्टिस तरुण अग्रवाल और जस्टिस पीसी त्रिपाठी की डिवीजन बेंच ने इस मामले की सुनवाई करते हुए इलाहाबाद के जिलाधिकारी को चार हफ्ते में उचित फैसला लेने को कहा था। कुछ महीने पूर्व इलाहबाद हाईकोर्ट ने इस अपील पर अपना निर्णय दे दिया, हाईकोर्ट ने जिस्मफिरोशी का अड्डा बन चुके मीरगंज के क्षेत्र मे नेहरू की मूर्ति लगाने का आदेश दिया है इस निर्णय के बाद अब कोई संशय नहीं रह जाता कि पंडित नेहरू का जन्म इलाहबाद के वेश्यालय मे हुआ था।

Loading...

8 COMMENTS

    • Sureshji kahani to kaise bhi ban sakti hai.hahahaaa
      Infect Sangh ke kharche pe Nehru ji London main rahtay the aur unka Gulab ka Phool (Rose) jo apni Sherwani main lagatay the wo India se Sangh pariwar bhejta tha …..

      • और ऩदीम जी वो गुलाब आपकी बगिया से ही तोड़े जाते थे मजा आया कि नहीं

Leave a Reply