ये है नरेंद्र मोदी जी की ताकत नोटबंदी पर पीएम मोदी के कायल हुए पाकिस्‍तान सेंट्रल बैंक के गवर्नर

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भारत जो भी कदम उठाता है पाकिस्तान की आदत है कि वो उसकी नकल करने में पीछे नहीं रहना चाहता। पीएम मोदी ने 8 नवंबर से देश में नोटबंदी लागू की और 1000-500 के पुराने नोटों को बंद कर दिया तो पाकिस्तान ने भी नोटबंदी का फैसला कर लिया। हालांकि पाकिस्तान की यह ‘नोटबंदी’ भारत की ‘नोटबंदी’ से अलग है। पाकिस्तान पुराने डिजाइन वाली करंसी को बाहर कर नए डिजाइन की करेंसी में बदलना चाहता है। इसका कालेधन पर कार्रवाई से कोई संबंध नहीं है। पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने पुराने डिजाइन वाले बैंक नोट को चलन से बाहर करने पर काम शुरू कर दिया है। इसके तहत 10, 50, 100 और 1 हजार रुपए के नोटों की कानूनी वैधता खत्म की जाएगी।

पाकिस्तान नोटबंदी का काम 6 साल में पूरा करेगा। उसने अपने नागरिकों को इन्हें एक्सचेंज कराने के लिए 6 साल की समयसीमा दी है। पाकिस्तान सेट्रल बैंक के फील्ड ऑफिसर पुराने डिजाइन वाले नोटों को 31 दिसंबर 2021 तक स्वीकार करते रहेंगे। इस बीच पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक के गवर्नर अशरफ महमूद वाथरा का भी भारतीय नोटबंदी पर बयान आया है जिसमें वो नोटबंदी के फैसले से प्रभावित नजर आते हैं। अशरफ महमूद वाथरा ने भारत में नोटबंदी के पीएम मोदी के फैसले को कड़ा फैसला बताया है। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक वाथरा ने कहा है कि यह बहुत, बहुत ज्यादा सख्त फैसला है। लेकिन, देश की अर्थव्‍यवस्‍था को सुधारने के लिए इतने कड़े फैसले जरुरी है।

पाकिस्तानी सेंट्रल बैंक के गवर्नर अशरफ महमूद वाथरा का कहना था कि भारत की तरह ही पाकिस्तान भी ज्यादा से ज्यादा लोगों को अर्थव्यवस्था की आधिकारिक प्रक्रिया में शामिल कर टैक्स चोरी को खत्म करना चाहता है। उन्होंने ये भी कहा कि टैक्स चोरी को लेकर भारत और पाकिस्तान के लोगों के बीच समानता दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि टैक्स चोरी को रोकने और आर्थिक समावेश के लिए पाकिस्तान नर्म उपायों पर काम कर रहा है, इसकी कमी पाकिस्तान की सबसे बड़ी राष्ट्रीय चुनौतियों में से एक है। इस पाकिस्तानी अधिकारी के बयान से साफ है कि वो भारत में नोटबंदी के फैसले से हतप्रभ हैं और उन्हें इसमें तरक्की का रास्ता दिखाई दे रहा है। पाकिस्तान में भी टैक्स देने वालों की संख्या बेहद कम है।

वहां करीब एक फीसदी लोग ही टैक्स देते हैं। पाकिस्तान में टैक्स वसूली पूरे दक्षिण एशिया में सबसे कम है। इस बारे में पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक के गवर्नर अशरफ महमूद वाथरा का कहना था कि ‘हमारे लोगों की सोच ही कुछ ऐसी है कि वो अपना पैसा बैंक या फिर किसी आर्थिक संस्था को नहीं देकर अपने पास रखना चाहते हैं, यह शायद हमारे DNA में है, इसे बदलने की जरूरत है’। आपको बताते चलें कि भारत में काले धन और पाकिस्तान की आतंकवाद को प्रायोजित करने में लगने वाले पैसे को खत्म करने के लिए 8 नवंबर को नोटबंदी का फैसला किया गया था। नोटबंदी लागू होने के बाद लोगों को थोड़ी परेशानी जरूर हो रही है, लेकिन दुनिया भर के अर्थशास्त्री मोदी सरकार के इस फैसले की तारीफ कर रहे हैं और इसे बहुत बड़ा फैसला बता रहे हैं। सरकार का भी मानना है कि देश से काले धन के निकल जाने के बाद अर्थव्यवस्था तेजी से चल पड़ेगी।

 

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