मुस्लिम लोग, इस बकरीद अल्लाह को अपने बच्चों की कुर्बानी दें, ख़रीदे हुए जानवरो की नहीं इनके अल्लाह ने कहा था

1

कुर्बानी के नाम पर बाजार से कल कुछ जानवर खरीद लिए, फिर बकरीद पर उनको काट दिया और खुश हो गए की दे दी कुर्बानी आखिर पूरी दुनिया में मुसलमान अपने अल्लाह को टोपी क्यों पहना रहे है बकरीद इसलिए मनाया जाता है की इस्लाम में बताया गया की इब्राहिम ने अल्लाह को अपना बेटा कुर्बान करने की कोशिश की, अल्लाह इस से खुश हुए

कुर्बानी का आखिर मतलब क्या है, ऐसी चीज जो आपने कुर्बान कर दी और कुर्बान ऐसी चीज की जाती है जो आपको बेहद अजीज हो, जिसके बिना आप रह नहीं सकते, और अपने अल्लाह को आपने वो दे दिया यानि अल्लाह को गिफ्ट दे दिया वो है क़ुरबानी

बकरीद पर आप जानवर खरीद लाते हो, जिस जानवर को 1-2 दिन से पहले आप जानते तक नहीं  उस जानवर से आपको कोई मोहब्बत नहीं होती, वो आपको बिलकुल अजीज नहीं होता  उसे काट कर अल्लाह को गिफ्ट दे देते हो और इसे क़ुरबानी कहते हो

ये तो अल्लाह को टोपी पहनना हुआ, अल्लाह तो बोलता है की मुसलमान (जो अल्लाह पर ईमान रखता है ) मुझे अपने अजीज चीज की क़ुरबानी दे, आप तो पैसा देकर बाजार से जानवर खरीद लाते हो, वो जानवर काहे का आपका अजीज

क़ुरबानी तो अपने की दी जाती है, और अल्लाह तो असली क़ुरबानी से ही खुश होगा  अल्लाह भी वही क़ुरबानी आपसे मांगता है जो अजीज हो, इब्राहिम ने अपने बेटे की क़ुरबानी देने की कोशिश की क्योंकि उसे बेटा सबसे अजीज था

इसलिए सभी असली मुस्लमान भाइयों से गुजारिश है की इस साल अपने अल्लाह को टोपी ना पहनाये  क़ुरबानी बाजार से खरीद कर लाये जानवर की नहीं बल्कि अपने अजीज लोगों की दें

जैसे की आपके बेटे, बेटी, या अम्मी अब्बू, या फिर भाई या ऐसा शख्स जो आपको सबसे अजीज हो कृपया अपने अल्लाह को ना ठगे, और क़ुरबानी अपनों की दें

Loading...

1 COMMENT

Leave a Reply