मुस्लिम महिलाओं को बराबरी का हक़ दिलाने कोई सेक्युलर और वामपंथी सामने नही आ रहा

0

आपने अक्सर देखा होगा की बहुत से वामपंथी और सेक्युलर तत्व स्वयं को महिलावादी बताते है “फेमिनिस्ट” बताते है सालों से भारत में खुलेआम तीन तलाक और हलाला (बलात्कार) जैसे कुकर्म हो रहे है भारत के बहुत बड़े महिला तबके पर लगातार अत्याचार हो रहे है, उनका शोषण मौलवी, इमाम इत्यादि तत्व करते है फिर भी कोई  सेक्युलर या वामपंथी तत्व इन महिलाओं को बराबरी का अधिकार दिलाने के लिए सामने नहीं आ रहा

जबकि हिन्दुओ के मामलों के यही वामपंथी और सेक्युलर तत्व ऐसे शोर मचाते है जैसे हिन्दू दुनिया के सबसे हिंसक और जानवरों से भी अधिक घिनोने लोग हो

तीन तलाक और हलाला (बलात्कार) को ख़त्म करने के लिए देश में बड़ी बहस चल रही है परंतु 1 भी वामपंथी और सेक्युलर तत्व मुस्लिम महिलाओं को बराबरी का हक दिलाने की बात नहीं कर रहा इसी पर टीवी पत्रकार अनुराग मुस्कान ने
मजाकिया लहजे में वामपंथी और सेक्युलर दरिंदो पर कटाक्ष किया

anurag-muskan

भले ही अनुराग मुस्कान का ये ट्वीट मजाकिया हो, परंतु है बहुत गंभीर आप आसानी से समझ सकते है कि मुस्लिमो के मामले में बोलने तक की हैसियत इन वामपंथी और सेक्युलर तत्वों में नहीं है मुस्लिमो को देखते ही ये तत्व नपुंसक बन जाते है

Loading...

Leave a Reply