पीएम मोदी की नई पाकिस्‍तान के खिलाफ नई विदेश नीति : कश्‍मीर मांगोगे बलूचिस्‍तान छीन लेंगे

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पाकिस्‍तान को लेकर कुछ दिनों पहले तक बच्‍चे-बच्‍चे की जुबान पर ये बात होती थी कि “दूध मांगोगे खीर देंगे, कश्‍मीर मांगोगे चीर देंगे” लेकिन, मोदी सरकार ने दो साल के भीतर ही सालों पुरानी इस कहावत को बदल दिया है। पाकिस्‍तान को लेकर अब नया नारा ये बन गया है कि “दूध मांगोगे तो खीर देंगे, कश्‍मीर मांगोगे तो बलूचिस्‍तान छीन लेंगे” जी हां कुछ इसी अंदाज में केंद्र की मोदी सरकार अपनी पाकिस्‍तान नीति को आगे बढ़ा रही है।

हालांकि मोदी सरकार के भीतर काफी पहले से ही पाकिस्‍तान नीति में बदलाव को लेकर चर्चा चल रही थी। लेकिन, सरकार की सोच थी कि नीति में बदलाव से पहले कुछ मौके पाकिस्‍तान को दे दिए जाएं। ताकि वो बाद में ये ना कह सके कि संबंध सुधारने के लिए भारत ने अपनी ओर से कोई कदम ही नहीं उठाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कभी भी अपनी ओर से ये कोशिश नहीं कि भारत और पाकिस्‍तान के संबंध बिगड़े बल्कि वो हमेशा इस बात के पक्षधर रहें है कि पडोसी जितना अच्‍छा होगा आप उतने खुश होंगे।

लेकिन, हमारे पड़ोसी देश को ये बात समझ ही नहीं आती। पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को जन्‍मदिन की बधाई देने के लिए अचानक पाकिस्‍तान पहुंचने वाले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ठान लिया है कि अब वो भी पाकिस्‍तान को उसी की भाषा में जवाब देंगे। पाकिस्‍तान को दो टूक शब्‍दों में कह दिया गया है कि अब उससे कश्‍मीर पर कोई बात नहीं होगी। बात होगी तो सिर्फ पाक अधिकृत कश्‍मीर पर। भारत ने पाकिस्‍तान के बातचीत के न्‍यौते को भी ठुकराकर अपने रुख को स्‍पष्‍ट कर दिया है।

मतलब साफ है कि मोदी सरकार में विदेश नीति के साथ-साथ पाकिस्‍तान नीति भी बदल रही है। जिसकी भनक उसी दिन लग गई थी। जब मोदी ने कश्‍मीर मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई थी और इसी बैठक में साफ कर दिया था कि पाक अधिकृत कश्‍मीर भारत का अभिन्‍न अंग है। जिसे भारत हर हालत में लेकर रहेगा। इसके बाद प्रधानमंत्री ने 70 वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भी लाल किले की प्राचीर से पाक अधिकृत कश्‍मीर और बलूचिस्‍तान का जिक्र कर पाक नीति में बदलाव के संकेत दे दिए थे।

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