दूध संग खजूर से शरीर बनता है मजबूत, हर मौसम के लिए है फायदेमंद

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खजूर ऊर्जा देने के साथ पेट सम्बंधी कई बीमारियों से दूर रखता है। ग्लूकोज, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और प्रोटीनयुक्त खजूर की तेज ताप वाले मरुस्थलीय क्षेत्रों में अधिक पैदावार होती है। इसका गुड़ भी बनाया जाता है और इसका सूखा रूप छुहारा कहलाता है। दोनों रूप में इसका गुण समान होता है। यह पेट साफ रखता है व कब्ज और थकान जैसी समस्या से राहत दिलाता है। 100 ग्राम खजूर 281 कैलोरी ऊर्जा देता है।

मजबूत हड्डियां, तेज दिमाग

दूध और खजूर को मिलाकर खाना बहुत फायदेमंद है। इसके लिए 5-6 खजूर को एक गिलास दूध में डालकर दस मिनट तक उबालें। गुनगुना होने पर पीएं। यह शरीर में रक्तसंचार दुरुस्त करने के साथ खून की कमी पूरी करता है। मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ यह दिमाग तेज करता है। साथ ही इससे स्किन की चमक बढ़ती है।

दूर होती शरीर की कमजोरी

यह शरीर की कमजोरी दूर करता है। ऐसे लोग जो अंडरवेट हैं उनमें यह जरूरी तत्त्वों की पूर्ति कर हष्ट-पुष्ट बनाता है। इसमें मौजूद ग्लूकोज तुंरत ऊर्जा देता है। साथ ही हृदय रोगों का खतरा भी घटाता है। यह उन बच्चों के लिए भी फायदेमंद है जो रात में बिस्तर गीला करते हैं।

गुणों की खान है हरड़

त्वचा रोग, शारीरिक कमजोरी, गला बैठना, पुराना बुखार, सिर व आंखों से जुड़े रोग, खून की कमी, हृदय रोग, पीलिया, दमा, खांसी, मुंह से लार टपकना, बवासीर, प्लीहा का बढऩा, पेट में आफरा पडऩा, भोजन में अरुचि के साथ हरड़ का प्रयोग वात व कफ में हितकर है।

ऐसे लें प्रयोग में

भोजन से पहले दो बहेड़े, भोजन के बाद चार आंवले व भोजन पचने के बाद एक हरड़ के चूर्ण को नियमित शहद व गाय के दूध से बने घी के साथ एक वर्ष लेने से व्यक्ति उपयुक्त रोगों से बच सकता है। भोजन से पहले दो ग्राम हरड़ चूर्ण पुराने गुड़ के साथ लेने से बवासीर रोग में लाभ मिलता है। इसके लिए चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ लें।

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