मज़ार पर आपके चढ़ावे के धन से खोदा जा रहा था भारतीय सैनिको के लिए मौत का कुँआ

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उस मज़ार पर तमाम लोग अपनी अपनी मन्नत मांगने जाते रहे होंगे .. उन्हें लगता रहा होगा कि मज़ार पर जाते ही उनकी झोली भर जाएगी और उनके घर मे खुशहाली आएगी .. उनके घर मे खुशहाली आई रही हो या नहीं ये बाद का विषय है पर उस से भारत वर्ष बर्बादी की तरफ जा रहा था क्योंकि उस मज़ार के चढ़ावे का पैसा उस मज़ार के देखरेख में तैनात दीना खान भारत की सेना , भारत की सरकार और भारत की सरहदों की जानकारी पाकिस्तान को भेजने के लिए करता था …

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI शायद भारत वालों की कमजोर नस को पकड़ चुकी है जिसके अंतर्गत हर कहीं सर झुका लेने की परंपरा है और उसी परंपरा को अब पाकिस्तान जासूसी के लिए प्रयोग में ला रहा है … भारत पाकिस्तान की सीमा बाड़मेर पर मौजूद जो मज़ार तमाम हिंदुओं की आस्था का केंद्र बन चुकी थी ,

उसका संरक्षक दीना खान पाकिस्तान के लिए जासूसी करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया है . वो मज़ार ना सिर्फ देश के अंदर अपितु विदेशों में भी कई लोगों की आस्था बन चुकी थी जिसके चलते माना जा रहा है कि वहां से पाकिस्तान साधारण नहीं बल्कि बेहद उच्च स्तर की जानकारियां हासिल करता था ..

इस दीना खान और मज़ार से ही सम्बंधित 2 हिन्दू व्यापारी भी संक्रमित पाए गए जिनके नाम है विनोद माहेश्वरी और सन्तराम माहेश्वरी .. ये दोनों बाड़मेर के बड़े व्यापारी हैं और ख़ुफ़िया एजेंसियों के अनुसार भारत की गुप्त सूचनाएं पाकिस्तान को भेजने का कार्य करते थे

हरकतें जारी हैं. जिसके चलते भारतीय खुफिया एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए आईएसआई के तीन जासूसों को बाड़मेर जिले से गिरफ्तार कर लिया है. बाड़मेर के जाने-माने व्यवसाई महेश्वरी बंधु देश के दुश्मनों को अहम जानकारी दे रहे थे.

मज़ार की आड़ में पाकिस्तान की जासूसी कर रहा दीना खान बाड़मेर के चौहटन के तालेड़ा का रहने वाला है जो टर्म वीज़ा पर भारत से पाकिस्तान आया था पर अंत मे यहीं राह गया .. माना जा रहा है कि इसी मज़ार पर आते आते विनोद और सन्तराम माहेश्वरी को वो धीरे धीरे अपने कुकृत्य में शामिल कराने में सफल रहा और फिर उन्हें लालच आदि दे कर भारत की फौज , BSF आदि की पूरी जानकारी पाकिस्तान भिजवाने लगा ..

सूत्रों के अनुसार मज़ार पर भीड़ के रूप में आने वाले तमाम और पाकिस्तानी एजेंट हो सकते हैं जिनकी जांच चल रही और उन पर शक आदि नही जा रहा था स्थानीय पुलिस का क्योंकि वो जगह कुछ लोग आस्था का केंद्र बना चुके थे ..

सन्तराम और विनोद के साथ दीना खान दीना खान को धारा 3, 39 शासकीय गुप्त बात अधिनियम और धारा 120बी IPC के तहत आरोपित किया गया है ..

खुफिया एजेंसियां तीनों को पकड़ कर जयपुर लाई हैं जहां प्रारम्भिक जांच में इनके पास पाकिस्तानी सिम बरामद हुए हैं .. इन पाकिस्तानी सिम का प्रयोग ये बॉर्डर पर जा कर फोन करने में करते थे और वहां से अपने आकाओं को सम्पर्क करते थे … अपनी श्रद्धा मान चुके मज़ार के पाकिस्तानी ठिकाना निकलने के बाद पूरे इलाके में लोग सन्न हैं

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