महिलाओं का तीन तलाक करवा कर हलाला (बलात्कार) करना मौलवियों का धंधा : नाइश हसन ( मुस्लिम औरत )

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देश में इन दिनों तीन तलाक और यूनिफॉर्म सिविल कोड पर बहस चल रही है तीन तलाक को ख़त्म करने तथा यूनिफार्म सिविल कोड को लागू करने की मांग पुरे देश में की जा रही है तीन तलाक को ख़त्म करने की मांग मुस्लिम महिलाओं द्वारा ही की गयी है, मुस्लिम महिलाएं इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पहुची हुई है

परंतु इन सबसे भारत के कट्टरपंथी मुस्लिम पुरुष बेहद आक्रोशित है तथा देश के खिलाफ जंग तक की बातें कह रहे है

आपको बता दें कि इस्लाम में तीन तलाक और हलाला जैसा कुछ नहीं है, फिर भी कट्टरपंथी मुस्लिम इसे ख़त्म नहीं होने देना चाहते सामाजिक कार्यकर्ता और स्वयं मुस्लिम महिला नाइश हसन ने इसका कारण बताया कि मुस्लिम कट्टरपंथी, मौलाना, मौलवी इत्यादि तीन तलाक और हलाला को ख़त्म क्यों नहीं होने देना चाहते

नाइश हसन ने बताया कि, तीन तलाक अगर शौहर दे दे और बेगम से फिर निकाह करना हो तो “हलाला” करवाना होता है
हलाला मतलब बीवी को किसी और की 1 रात की (1 संभोग) के लिए बीवी बनाना पड़ता है

और मौलवी, मौलाना ये सब इसी धंधे में लगे हुए है ये चाहते है कि रोज मुसलमान अपनी बीवियों को तलाक दे और दुबारा उस से निकाह करना है तो मुल्ला-मौलवियों के पास आये और ये मुल्ला-मौलवी हलाला के नाम पर महिलाओं का खूब शोषण करें

नाइश हसन ने बताया कि वो ऐसी कई महिलाओं को जानती है जिनका 5 से भी अधिक बार हलाला किया गया है
बार बार शौहर गुस्से, नशे में तीन तलाक दे देते है अक्ल ठिनाके पर आर के बाद फिर निकाह करना चाहते है और मुल्ला-मौलवी महिलाओं का खूब शोषण करते है

इसी कारण ये लोग तीन तलाक, हलाला को ख़त्म नहीं होने देना चाहते अन्यथा इनके बलात्कार बंद हो जायेंगे जो ये हलाला के नाम पर करते है।

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