कश्मीर में सेना को मिला नया विकल्प, अब पैलेट गन की जगह चलेंगे PAVA शेल्स

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कश्मीर में पिछले लगभग डेढ़ महीने से हालात सामान्य नहीं हैं। आतंकी बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद से हालात खराब हैं। प्रदर्शनकारी सेना पर पथराव करते हैं। हालात सुधारने के लिए सेना के जवानों को पैलेट गन का इस्तेमाल करना पड़ा। कश्मीर में इस गन के इस्तेमाल के खिलाफ कई लोगों ने आवाजें उठाई। केंद्र सरकार ने भी कहा कि पैलेट गन के विकल्प की तलाश हो रही है।

अब ये खबर सामने आ रही है कि केंद्र सरकार ने पैलेट गन का विकल्प खोज लिया है। गृह मंत्रालय पैलेट गन की जगह PAVA शेल्स के इस्तेमाल पर विचार कर रही है। पावा शेल्स मिर्ची के गोले हैं। इनसे पैलेट गन की तुलना में कम नुकसान होगा। पैलेट गन के छर्रे तो पूरे शरीऱ में जहां भी लगते हैं घाव कर देते हैं। पैलेट गन को लेकर विवाद तब गरमाया जब कई प्रदर्शनकारियों की आंख की रोशनी इसके कारण चली गई।

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक केंद्र सरकार कश्मीर में पावा शेल्स को पैलेट के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल कर सकती है। पावा को पेलागॉर्निक एसिड वनीलल अमाइड को नॉनिवमाइड के नाम से भी जाना जाता है। ये पदार्थ काली मिर्च में पाया जाने वाला कार्बनिक योगिक है। इसके इस्तेमाल से शरीर में जलन शुरू हो जाती है। जिस शख्स के खिलाफ इसे प्रयोग किया जाए वो कुछ नहीं कर पाने की हालात में पहुंच जाता है।

PAVA शेल्स से पैलेट गन की तरह शारीरिक तौर पर कोई क्षति नहीं पहुंचेगी। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ इसका इस्तेमाल करने पर वो जलन के कारण तितर-बितर हो जाएंगे। पावा शेल्स के अलावा केंद्र सरकार बीएसएप के TSU द्वारा बनाए गए स्टन ग्रेनेड को भी विकल्प के तौर पर आजमा सकती है। स्टन ग्रेनेड टारगेट को बेहोश कर देता है। इसके इस्तेमाल से सामने वाला कुछ देर के लिए अंधा भी हो जाता है

 

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