कानपुर हादसा ड्राइवर को मिल गए थे खतरे के संकेत, अफसरों ने कैसे भी कानपुर पहुंचने को कहा

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कानपुर के पुखरावा के पास इंटौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन हादसे में 133 लोगों की मौत हो चुकी है। जब लोग गहरी नींद में थे, एक भयानक आवाज के साथ इंदौर से पटना जा रही ट्रेन के 14 कोच पटरी से उतर गए। कई बोगियां पिचक गईं, कोच एक-दूसरे पर चढ़ गए। इस भयानक हादसे में 200 से ज्यादा लोग जख्मी भी हैं। रेल मंत्री सुरेश प्रभु और रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा इस हादसे की जांच की बात कही हैं, रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने दोषियों को नहीं बख्शने की भी बात कही है, इस बीच हुआ है एक सनसनीखेज खुलासा। पूरे मामले पर ट्रेन के ड्राइवर जलत शर्मा ने एक रिपोर्ट दी है जिसमें बताया गया है कि झांसी के बाद ही उन्हें खतरे के बारे में पता चला था और इस बारे में उन्होंने अफसरों को भी बताया, लेकिन अफसरों ने ट्रेन को कानपुर तक ले जाने के लिए कहा।

ट्रेन के ड्राइवर जलत शर्मा के मुताबिक रात करीब एक बजे उन्होंने अफसरों को खतरे के संकेत दे दिए थे। झांसी से चलने के बाद दो स्टेशन पार होते ही उन्हें इंजन मीटर पर अधिक लोड दिखाई दिया। उन्होंने तुरंत ही साथी डीपी यादव को इसकी जानकारी दी। इसके बाद झांसी मंडल के रेल अफसरों को जानकारी दी, लेकिन वहां से कहा गया कि ट्रेन को जैसे-तैसे कानपुर तक ले जाओ, फिर देखेंगे। हादसे के वक्त इंदौर-पटना एक्सप्रेस को चला रहे ड्राइवर जलत शर्मा झांसी डिविजन के ड्राइवर हैं। उन्होंने चालक लॉबी में सौंपी अपनी रिपोर्ट में बताया है कि तड़के 3:03 बजे ओएचई केबल (ओवरहेड इलेक्ट्रिक केबल) में तेज धमाके के बाद उसने इमरजेंसी ब्रेक लगाए।

हादसे की ठीक-ठीक वजह के बारे में तो जांच रिपोर्ट के आने के बाद ही पक्के तौर पर कुछ कहा जा सकता है लेकिन ड्राइवर जलत शर्मा की रिपोर्ट बहुत कुछ कह देती है। रिपोर्ट के मुताबिक 3:03 बजे ओएचई केबल (ओवरहेड इलेक्ट्रिक केबल) में तेज धमाके के बाद उसने इमरजेंसी ब्रेक लगाए तो उस वक्त ट्रेन की स्पीड 110 किमी प्रति घंटा थी। ओएचई में धमाके से लाइन ट्रिप नहीं होती तो पूरी ट्रेन में आग लग सकती थी। इसके बाद जो कुछ हुआ वो सबके सामने है। ट्रेन हादसे में बच गए यात्रियों के मुताबिक जिस वक्त हादसा हुआ वो गहरी नींद में थे, अचानक तेज धमाका हुआ। झटके से सभी बर्थ के नीचे गिर गए। पता चला ट्रेन पलट गई है। कुछ लोग दबे थे। दरवाजा खोलकर बाहर देखा तो नजारा दिल दहलाने वाला था।

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने पीड़ितों को मुआवजे का ऐलान किया है। मृतकों के परिजनों को 3.5 लाख रुपये गंभीर रूप से घायल यात्रियों को 50 हजार जबकि मामूली रूप से जख्मी लोगों को 25 हजार रुपये दिए जाएंगे। दूसरी तरफ यूपी सरकार ने मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार जबकि मामूली रूप से घायलों को 25-25 हजार रुपये देने की घोषणा की है। पीएम मोदी ने भी पीड़ितों को मुआवजे का ऐलान किया है। मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये जबकि गंभीर रूप से घायलों को 50-50 रुपये दिए जाएंगे। ये रकम रेलवे की तरफ से दिए जा रहे मुआवजे से अलग होगी। मध्य प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये जबकि गंभीर रूप से घायल यात्रियों को 50-50 हजार रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है।

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