कब और कहाँ कैसे जूते पहनने हैं इन बातों का ध्यान रखेंगे तो शनि देव बनाएंगे सारे बिगड़े काम

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ज्योतिष में हमारे जीवन से जुड़ी हर छोटी से छोटी तथा बड़ी से बड़ी वस्तु को किसी न किसी ग्रह से जोड़ा गया है। ज्योतिष के अनुसार जूते-चप्पलों शनि ग्रह का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसी कारण शनि की दशा होने पर काले जूते का दान बताया गया है। ऐसे में हम किस तरह के, कौनसे जूते, कब और कहां पहनते हैं, इसका हमारे भाग्य पर बड़ा असर पड़ता है। अगर हम जूते-चप्पलों से जुड़ी इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखेंगे तो निश्चित ही हमारा दुर्भाग्य दूर होकर सौभाग्य जाग जाएगा और तरक्की होने लगेगी।

(1) कभी भी गिफ्ट में आए या चुराए हुए जूते नहीं पहनने चाहिए। ऐसे जूते आदमी को कभी उपर नहीं उठने देते और उसका भाग्य सदा के लिए रूक जाता है।

(2) अपने कार्यस्थल / ऑफिस में कभी भी भूरे रंग के जूते न पहनें। इससे बनते हुए काम भी बिगड़ जाते हैं। बैंकिंग तथा एज्यूकेशनल फील्ड में काम करने वाले लोगों को भी कॉफी कलर या डार्क ब्राउन कलर के जूते पहनना अशुभ रहता है।

(3) जब भी नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जाएं या नौकरी ढूंढने जाएं तो कभी भी फटे हुए और उधड़े हुए जूते न पहनें। इससे असफलता हाथ लगती है और आपको निराश होना पड़ सकता है।

(4) मेडिकल फील्ड्स यथा डॉक्टर, फॉर्मेसी आदि तथा लोहे का काम करने वालों को सफेद जूते नहीं पहनने चाहिए। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान होने की उम्मीद रहती है। लेकिन आयुर्वेदिक कार्यों से जुड़े लोगों को नीले रंग के जूते नहीं पहनना चाहिए। ऐसा करना उनके लिए अशुभ असर लाता है।

(5) कभी भी घर में जूते-चप्पल पहन कर भोजन नहीं करना चाहिए। अगर कोई बहुत बड़ी विवशता आ जाए तो बात अलग है। इससे भी दुर्भाग्य आता है।

(6) वास्तु के अनुसार घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्वी कोने) में भूल कर भी जूते-चप्पल नहीं रखने चाहिए और न ही उतारने चाहिए।

 

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