“जिहाद अल निकाह”, सगी बेटी, सगी बहन से अल्लाह के नाम पर किया जा रहा है निकाह ए सम्भोग

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सीरिया में इस्लामिक आतंकी जिहाद कर रहे है, ये अभीतक केवल कत्लेआम तक ही सिमित था पर नासिर अल उमर नाम के मुफ़्ती ने फतवा जारी किया की इस्लामिक लड़ाकों को सेक्स की जरुरत है, फतवे में कहा गया की अन्य महिलाएं नहीं तो लड़ाके अपनी सगी बहन से भी “निकाह अल जिहाद” यानि निकाह या सम्भोग कर सकते है

फतवे आये की महिलाएं भी अल्लाह के लिए जिहाद में आये और अल्लाह के लिए लड़ रहे जिहादियों को मुश्किल हालात में सहारा दें (सम्भोग का सहारा)

मुफ्तियों ने मुसलमानो को भी कहा की वो भी अल्लाह के लिए अपने घर की बेटियों, अपनी बीवियों को “जिहाद अल निकाह” में शामिल करे और वो सभी औरते इस्लामी लड़ाकों को सेक्स का सहारा दें

और अब इसी के बाद सीरिया में हैवानियत का क्या हाल हो चूका है ये बता रही है 19 साल की ये लड़की जिसका नाम रवां मिलाद अल दाह है

रवां मिलाद अपनी आपबीती बता रही है जो की हम हिंदी में नीचे लिख रहे है विडियो में अंग्रेजी सबटाइटल भी है

लड़की ने बताया

* मेरे अब्बू का नाम मिलाद मौसा अल दाह है, अम्मी अब्बू भाइयों को मिलाकर हमारे घर में 5 लोग थे

* सीरिया में जिहाद से पहले मेरे अब्बू खेतीबाड़ी कर रहे थे वो पौधे लगाने का काम कर रहे थे, फिर जिहाद शुरू हो गया और अब्बू भी उसमे शामिल हो गए, हम लोग उनसे बहस करते थे की वो कत्लेआम न करे पर वो हमेशा पिटाई करते थे

* जिहादियों और सीरिया की आर्मी में जिहाद चल रहा था, मेरे अब्बू हमेशा घर में 3-4 लोगो को लाने लगे थे उनके पास बंदूके भी होती थी, मुझे नहीं पता था की ये लोग कौन है

* फिर एक दिन मुझे अलग कमरे में बन्द कर दिया गया, 15 दिनों तक मेरे कमरे में कोई नहीं आया न मेरे अम्मी और न मेरे भाई, मुझे कहीं भी निकलने नहीं दिया जाता था, मेरे पास न फ़ोन था न ही टीवी था मैं अकेले कमरे में बहुत दुखी थी, मैं बहुत चकित थी की मेरे अब्बू मुझे पहले बेहद प्यार करते थे पर अब मुझे कही भी जाने तक नहीं दिया जा रहा था

* 15 दिनों के बाद मेरे अब्बू एकदिन मेरे कमरे में आये और उन्होंने मुझे कहा की तुम जाकर नहा लो, मैं खुश थी की शायद अब मैं बाहर जा सकुंगी
मैं नहाने के लिए बाथरूम में चली गयी, मैं अपने कपडे उतार कर नहा रही थी

* तभी एक शख्स मेरे बाथरूम में आ गया उसकी उम्र 50 साल से ज्यादा थी, उसने कुछ भी नहीं पहना था मैं चींख पड़ी, वो मुझे मेरे बालों से पकड़ कर कमरे में ले आया, मैं बहुत चींख रही थी मेरे अब्बू सुन रहे थे पर वो दखल नहीं दे रहे थे

* वो शख्स मेरे साथ बलात्कार करने लगा, मैं चींखती रही की इसी बीच कमरे में एक और शख्स आ गया, पहला शख्स अभी भी मेरे ऊपर था मैं चीख रही थी की मुझे छोड़ दी, मैं चींखते चींखते बेहोस हो गयी, लगभग 45 मिनट बाद मुझे होंश आया तो मैं किसी तीसरे शख्स के पास थी

* जब ये सभी चले गए तो मैंने अपने अब्बू से कहा, ये इन लोगों ने मेरा बलात्कार किया और आपने मुझे बचाया क्यों नहीं, मैं रो रही थी, फिर मेरे अब्बू ने मुझे कहा की ये “जिहाद” है
अल्लाह के लिए मुजाहिद लड़ रहे है तुमको उनका साथ देना होगा, तुम जितनी बार उनके साथ सम्भोग करोगी तुम्हारे पाप ख़त्म होते जायेंगे, और जब तुम मरोगी तो सीधे जन्नत में जाओगी

* मैं फिर बीमार हो गयी और 23 दिनों तक बीमार रही, मैंने अब्बू से कहा की मुझे दवाई दो या डॉक्टर के पास ले चलो पर अब्बू ने हर बार मना कर दिया

* जैसे ही मैं बीमारी से ठीक हुई मेरे अब्बू ने फिर आदमियों को मेरे पास भेजना शुरू कर दिया और ये 1 हफ्ते तक और चलता रहा, अब्बू मेरे पास आते और मुझे नहा लेने को कहते फिर आदमी आते रहते और मेरे साथ बलात्कार करते रहे

* जब भी आदमी मेरे कमरे में आते मैं रोकर उनसे कहती की मेरे साथ कुछ मत करो पर वो हमेशा मेरे साथ बलात्कार करते रहे, उनमे से एक शख्स को तो मैं पहचानने भी लगी क्योंकि वो आये दिन मेरे गाँव में आता था, वो मेरे कमरे में भी आया मैंने उसे कहा की वो मेरे साथ कुछ न करे मैं उसके बेटी जैसी हूँ, पर उसने कहा की ये तो “जिहाद” है, उसने बताया की जब मैं बेहोस होती हूँ तो मेरे अब्बू भी मेरे साथ बलात्कार करते है

* फिर मैं सोचने लगी की कई बार मुझे जब होंश आया तो मेरे अब्बू ही मुझे बाथरूम में पकड़ कर नहला रहे थे, तब मुझे यकीन हुआ की आदमियों के बाद मेरे अब्बू मेरे साथ बलात्कार करते थे

*मैंने अपने घर से भागने की कोशिश की पर भाग नहीं सकी, क्योंकि हमेशा वहां बंदूकधारी शख्स रहते थे जो की दरवाजों पर और गाँव में पहरा देते रहते थे

* फिर एक दिन आर्मी हमारे गाँव (नवा) में आ गयी और मेरे अब्बू और उसके साथी गाँव से भाग गए, वो किसी और गाँव में चले गए, उस गाँव का नाम तसील था, उसके बाद मेरी अम्मी और मेरे भाई घर वापस आ गए, मैंने अम्मी से आपबीती बताई तो उन्होंने कहा की ये “जिहाद अल निकाह” है
और अम्मी ने मुझे कहा की तुम किसी से शिकायत नहीं करोगी वरना तुम्हे मैं मार दूंगी, हम अल्लाह के लिए जिहाद कर रहे है

* फिर मैंने देखना शुरू किया की अम्मी रोज नहाकर अब्बू से मिलने तसील गाँव जाने लगी, जब भी वो जाती नहाकर जाती और जब भी वापस आती वो नहा लेती, मुझे शक हो गया की अब्बू अब अम्मी को भी अपने साथियों के साथ “जिहाद अल निकाह” करवा रहे है, जब मैंने अम्मी से पूछा तो उन्होंने कहा जो हो रहा है अल्लाह के लिए हो रहा है

* एक दिन अम्मी ने कहा की मुझे भी तसील गाँव जाना है, जाकर नहाकर आओ, मैं समझ गयी की अब्बू अब मुझे भी वहां “जिहाद अल निकाह” के लिए बुला रहे है मैं घबरा गयी पर अम्मी मुझे जबरजस्ती सफ़ेद गाडी में बिठाकर ले गयी

* रस्ते में आर्मी का चेक पॉइंट था, जैसे ही गाडी चेक पॉइंट पर रुकी मैं खुद को रोक नहीं पायी और जोर जोर से रोने लगी, आर्मी वाले ने मेरी गाडी खुलवाई और मुझसे पूछा की क्या बात है

* मैंने आर्मी वाले को सबकुछ बता दिया जो मेरे साथ हुआ, उसके बाद आज मैं आपके सामने हूँ

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