ISI के इशारे पर काम कर रही थी सोनिया-मनमोहन सरकार, 26/11 का हमला था स्क्रिप्टेड

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एक बहुत बड़ा खुलासा आपके सामने होने वाला है जिसे ध्यान से पढ़ें, ये बहुत ही ज्यादा गंभीर है

नोट : पहले आपको बता की 26/11 के आतंकी अज़मल कसाब के पास हिन्दू नाम से फर्जी ID कार्ड मिला था, साथ ही एक और आतंकी के पास हिन्दू युवक के नाम से ID कार्ड मिला था और सभी आतंकियों ने अपने हाथों पर “हिन्दू कलावा” बांधा हुआ था, और सभी बिलकुल सफाचट थे, कोई भी इनको देखके तो मुस्लिम बता ही नहीं सकता था

और कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने “26/11 आरएसएस की साजिश” नाम से किताब भी छपवा रखा था, जिसे 26/11 हमले के कुछ ही दिनों में फटाफट रिलीज भी कर दिया गया

पर कांग्रेस का प्लान तुकाराम ओम्ब्ले के कारण फेल हो गया क्यूंकि उस शहीद पुलिस वाले ने अज़मल कसाब को जिन्दा पकड़ लिया वरना 26/11 के हमले को 10 हिन्दू आतंकियों द्वारा किया गया हमला घोषित करने की पूरी प्लानिंग थी
आतंकियों को हिन्दू नाम से ID दे दिए गए थे, सबकी भेषभूषा ऐसी बनाई थी की कोई भी देखके इनको मुस्लिम न बोल सके, और इनके हाथों पर कलावा भी बांधा हुआ था

 

हिन्दुओ को आतंकवादी घोषित करने में कौन लगा था, ये तो पूरी दुनिया जाती है, सोनिया गाँधी और पूरी कांग्रेस चिदंबरम, सुशिल शिंदे ने “हिन्दू आतंकवाद” का शिगूफा भी छोड़ा राहुल गाँधी ने “हिन्दू राष्ट्रवादियों” को अलकायदा से भी खतरनाक बताया था

और अब आपको दूसरी जानकारी दे दें, जो पिछले ही दिनों सामने आयी जिस कर्नल पुरोहित को कांग्रेस ने मालेगांव ब्लास्ट में गिरफ्तार किया था, उनपर बड़ा खुलासा ये हुआ की कर्नल पुरोहित मालेगाव में ख़ुफ़िया मिशन पर तैनात किये गए थे
वो खुद मालेगाव नहीं गए थे, बल्कि ख़ुफ़िया मिशन पर सरकार ने ही उनको मालेगाव में तैनात किया था अब देखिये डाटा साइंटिस्ट गौरव प्रधान ने क्या जानकारी दी है

गौरव प्रधान ने बताया की, कर्नल पुरोहित बहुत कुछ जान चुके थे इसलिए उन्हें 26/11 से ठीक पहले गिरफ्तार कर लिया गया  अब आपको बता दें की जनरल पाशा कोई और नहीं बल्कि पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी ISI का सरगना था और उसी के इशारे पर कर्नल पुरोहित को सोनिया-मनमोहन सरकार ने गिरफ्तार कर लिया ताकि उनका 26/11 का बनाया गया प्लान लीक न हो

कर्नल पुरोहित की गिरफ़्तारी के बाद ही 26/11 का हमला 2008 में हुआ और आतंकी हिन्दू नाम से ID लेकर, हाथ में हिन्दू कलावा बांधकर पाकिस्तान से आकर कत्लेआम कर रहे थे पूरा स्क्रिप्ट था की इनको मार कर इनको हिन्दू घोषित कर हिन्दू आतंकवाद घोषित किया जाये  और 26/11 आरएसएस की साजिश करके किताब भी तैयार थी ये तो तुकाराम ने शरीर पर कई गोलियां खाकर कसाब को जिन्दा पकड़ लिया और बाद में सब पता चला की ये तो पाकिस्तानी आतंकी थे

गौरव प्रधान का खुलासा बहुत बड़ा है, और इसके विस्तृत जांच की जरुरत है वैसे समझौता ट्रैन ब्लास्ट पर तो खुलसा टाइम्स नाउ ने कर ही दिया की कैसे पाकिस्तानी आतंकियों को भगा दिया गया और हिन्दुओ को पकड़ लिया गया

देखें टाइम्स नाउ पर रॉ के पूर्व अधिकारी में भी इस बात का खुलासा किया है

अगर अजमल कसाब जिन्दा नहीं पकड़ा गया होता तो 26/11 को हिन्दू आतंकवाद घोषित कर देती सोनिया-मनमोहन सरकार 2004 से 2014 तक हुए हर आतंकी हमलों में सीधे तौर पर कांग्रेस संदिग्ध है और इस कड़ी में हाई लेवल जांच की सख्त जरुरत है

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