फेसबुक पर डाली इस महिला ने सामूहिक दुष्‍कर्म की ‘सच्‍ची’ कहानी, देखते ही देखते वायरल हो गया पोस्‍ट

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देश में सामूहिक दुष्‍कर्म की घटना ने एक बार फिर सबका दिल दहला दिया है। सामूहिक दुष्‍कर्म की पीडि़त लड़कियां या महिलाएं कई बार शर्म और अपनी इज्‍जत की खातिर अपनी जुबान तक नहीं खोल पाती हैं। जिसका फायदा आरोपी उठाते हैं। या तो वो उस महिला या लड़की का यौनशोषण शुरु कर देते हैं या फिर किसी और अपनी हवस का शिकार बना डालते हैं। ऐसा ही एक मामला केरल में भी सामने आया है। जिसमें एक महिला के साथ दो साल पहले सामूहिक दुष्‍कर्म हुआ था। लेकिन, वो पहले तो इतना डर गई कि पुलिस के पास ही नहीं गई। तीन महीने बाद पुलिस के पास गई भी तो वहां उसे मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। लेकिन, अब जब इस महिला के सामूहिक दुष्‍कर्म की कहानी सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर सामने आई तो हर कोई हरकत में आ गया।

दरसअल, देश की जानी मानी डबिंग आर्टिस्ट भाग्यलक्ष्मी ने अपने फेसबुक वॉल पर एक महिला के साथ करीब दो साल पहले हुए सामूहिक दुष्‍कर्म की दर्दनाक कहानी को शेयर किया था। फेसबुक पर देखते ही देखते ये पोस्‍ट वायरल हो गई। केरल के मुख्‍यमंत्री को इस मामले में दखल देना पड़ा। मुख्‍यमंत्री आफिस ने इस मामले में कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। दरअसल, डबिंग आर्टिस्‍ट भाग्‍यलक्ष्‍मी के मुताबिक थ्रिसुर की रहने वाली एक महिला करीब तीन हफ्ते पहले अपने पति के साथ उनके घर आई थी। जो भाग्‍यलक्ष्‍मी को अपनी आप बीती सुनाना चाहती थी और अपने साथ न्‍याय कराना चाहती थी। फेसबुक वॉल से वायरल हुई सामूहिक दुष्‍कर्म की ये घटना करीब दो साल पहले की है। जिसमें एक स्‍थानीय नेता समेत चार लोगों ने महिला को अपनी हवस का शिकार बना डाला था।

महिला के साथ सामूहिक दुष्‍कर्म करने वाले भी कोई और नहीं बल्कि उसके पति के दोस्‍त ही थे। लेकिन, सामूहिक दुष्‍कर्म के बाद महिला इस कदर टूट चुकी थी कि वो पुलिस में इसकी शिकायत करने की हिम्‍मत ही नहीं जुटा पाई। इसके बाद जैसे-तैसे करके वो तीन महीने बाद जब पुलिस के पास पहुंची तो यहां भी उसे मानसिक प्रताड़ना से ही जूझना पड़ा। भाग्यलक्ष्मी ने अपने फेसबुक पोस्ट में पीडि़त महिला के हवाले से लिखा है कि पुलिस के सवालों का जवाब देना भी मेरे लिए ऐसा था कि मानों मेरा मानसिक बलात्कार हो रहा हो। उनका कहना है कि शायद पुलिस ने उन्‍हें मानसिक तौर पर इसलिए प्रताडि़त किया क्‍योंकि उनके पास आरोपियों के खिलाफ कोई सबूत नहीं थे। फेसबुक पोस्‍ट पर भाग्‍यलक्ष्‍मी ने लिखा है कि अच्छा हुआ कि निर्भया, जिगिशा और सौम्या जैसी बलात्कार पीड़ित लड़कियों की मौत हो गई, नहीं तो इन लोगों को भी ऐसी ही मानसिक प्रताड़ना से गुजरना पड़ता

फेसबुक पर सामूहिक दुष्‍कर्म की इस पोस्‍ट के वायरल होते ही मुख्‍यमंत्री दफ्तर भी हरकत में आ गया। सीएम आफिस ने फौरन ही इस मामले में भाग्‍यलक्ष्‍मी से पूरी जानकारी मांगी। पीडि़त महिला का कहना है कि जिस वक्‍त उसके साथ ये वारदात हुई उस वक्‍त वो इतनी ज्‍यादा डरी हुई थी कि वो इस वारदात की जानकारी अपने पति को नहीं दे पाई थी। भाग्‍यलक्ष्‍मी का कहना है कि उसने दो हफ्ते तक पीडित महिला की काउंसिंग की। इसके बाद फेसबुक पोस्‍ट लिखने के बारे पूछा। महिला की इजाजत के बाद ही सामूहिक दुष्‍कर्म की पूरी कहानी फेसबुक पर बयां की। भाग्‍यलक्ष्‍मी का कहना है कि इस घटना से जुड़ी और जानकारियां भी जल्‍द ही सार्वजनिक की जाएंगी। पीडि़त महिला के दो बच्‍चे भी हैं।

 

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