राजनाथ जी ने की अपील कश्मीर में पत्थरबाजों की पहचान करो घर में घुस कर मारे जायेंगे

0

दस लाख के इनामी आतंकी और हिजबुल मुजाहिद्दीन के कमांडर बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद से लगातार कश्‍मीर घाटी सुलग रही है। अब तक 70 लोगों की जान जा चुकी है। हालात पर काबू पाने के लिए देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह दो दिन के कश्‍मीर के दौरे पर हैं। गुरुवार को उन्‍होंने जम्‍मू-कश्‍मीर की मुख्‍यमंत्री महबूबा मुफ्ती के साथ साझा प्रेस कांफ्रेंस की और कश्‍मीर की आवाम से शांति की अपील की।

इस मौके पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कश्मीर की आवाम से अपील की कि वो अमन और शांति कायम करने में सरकार और सेना की मदद करें। राजनाथ सिंह का कहना है कि हम हर उस शख्‍स से बात करने के लिए तैयार हैं जो जम्‍हूरियत में यकीन रखता है। उन्‍होंने कश्‍मीरी जनता से अपील की है कि वो ऐसे लोगों की पहचान करें जो घाटी में हिंसा भड़का रहे हैं। युवाओं से पत्‍थर फिंकवा रहे हैं। सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगी।

राजनाथ सिंह का कहना है कि देश के भविष्‍य की कल्‍पना बिना कश्‍मीर के विकास के अधूरी है। देश का फ्यूचर बनाने के लिए कश्‍मीर का भविष्‍य तय ही करना होगा। लेकिन, चंद लोग हैं जो ऐसा नहीं चाहते हैं। वो घाटी में हिंसा भड़काना चाहते हैं। युवाओं के हाथों में पत्‍थर थमा रहे हैं। सूत्रों से पता चला है कि घाटी में हिंसा भड़काने के मामले में खुफिया विभाग के लोगों ने करीब साठ लोगों की पहचान की है। जिनकी लिस्‍ट राज्‍य सरकार को थमा दी गई है।

केंद्र ने राज्‍य सरकार से दो टूक शब्‍दों में कह दिया है कि वो इन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। अगर वो नहीं कर सकते हैं तो केंद्र को बता दें, मोदी सरकार ऐसे लोगों को सबक सिखाना जानती है। उधर, जम्‍मू-कश्‍मीर की मुख्‍यमंत्री महबूबा मुफ्ती का भी यही कहना है कि कश्‍मीर के 95 फीसदी लोग अमन चैन चाहते हैं। सिर्फ पांच फीसदी लोगों ने यहां का माहौल बिगाड़ रखा है। उनका कहना है कि ये पांच फीसदी लोग बच्‍चों और महिलाओं को ढाल बना रहे हैं।

प्रेस कांफ्रेंस में एक पत्रकार के सवाल से महबूबा मुफ्ती तिलमिला भी गईं। पत्रकार ने महबूबा मुफ्ती सरकार की तुलना उमर अब्‍दुल्‍ला की सरकार से कर दी थी। जिस पर उन्‍होंने कहा कि प्लीज दो अलग-अलग घटनाओं की तुलना ना करें तो बेहतर होगा। वहीं गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि उन्‍होंने कश्‍मीर के शांति बहाली के लिए सभी दलों के नेताओं से बातचीत की। राजनाथ सिंह सिर्फ दो दिनों में अब तक करीब तीन सौ लोगों से मुलाकात कर चुके हैं।

राजनाथ सिंह का कहना है कि सभी चाहते हैं कि घाटी में अमन कायम हो। घाटी के हालात देखकर सिर्फ यहीं के लोग आहत नहीं हैं बल्कि पूरा हिंदुस्‍तान परेशान है। राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं कश्‍मीर के लोगों से अपील करना चाहता हूं कि वो हमारे जवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ ना करें। उन्‍होंने सवाल किया कि आखिर जिन युवाओं केे हाथों में कलम और किताब होनी चाहिए उनके हाथों में पत्‍थर उठाने की इजाजत उन्‍हें कौन दे रहा है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि जो लोग कश्‍मीर के बच्‍चों और युवाओं के हाथ में पत्‍थर थमा रहे हैं क्‍या वो इनके भविष्‍य की गारंटी लेते हैं। उनका कहना है कि यहां के लोगों को ऐसे लोगों की पहचान करनी चाहिए। उनके खिलाफ खड़े होने की जरुरत है। सरकार ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई करेगी। अगर आपके सामने कोई नौजवान सुरक्षाबलों के खिलाफ पत्‍थर उठा रहा है तो यहां के बुजुर्गों को उन्‍हें समझाना चाहिए। कश्‍मीर का दर्द हम सभी को है। उन लोगों को भी इसकी पीड़ा समझनी चाहिए जो ये सब करा रहे हैं।

राजनाथ सिंह का कहना है कि उन्‍होंने महबूबा मुफ्ती से कहा है कि वो सभी दलों की बैठक बुलाकर इस समस्‍या कस समाधान निकाले। कश्‍मीर में जल्‍द ही आल पार्टी डेलीगेशन आएगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि हम जल्‍द ही पेलेट गन का भी विकल्‍प लेकर आएंगे। अगले दो से तीन दिनों में ही पेलेट गन पर रिपोर्ट आ जाएगी। सुरक्षाबलों को भी संयम बरतने को कहा गया है। लेकिन, आप लोग भी जवानों को अपना भाई समझें। उनका साफ तौर पर कहना है कि उपद्रवियों को किसी भी कीमत पर बख्‍शा नहीं जाएगा।

Loading...

Leave a Reply