गंजेपन और बवासीर दोनों को एक साथ सही करने की अचूक दवा है अमरबेल

0

अमर बेल गंजेपन, गठिया, जोड़ों के दर्द, बवासीर, चोट लगने पर, बच्चों की लम्बाई बढ़ाने, नज़र कमज़ोर होने पर आदि रोगों पर उपयोगी है. आइये जाने इसके विभिन्न रोगों में प्रयोग

अमर बेल अकसर पेड़ों की टहनियों पर फैली हुई पाई जाती है। अमर बेल बहुत कोमल रसीली हरी होती है। अमर बेल लगभग पूरे भारत वर्ष में पाई जाती है। अलग अलग राज्यों में अमर बेल को आकाशबल्ली, कसूसे हिन्द, स्वर्ण लता, निर्मुली, आलोक लता, अमर बेल, रस बेल, आकाश बेल, डोडर, नुलु तेगा, अंधा बेल आदि नामों से पुकारा जाता है।

akash-bail अमर बेल पेड़ की जड़ पेड़ की टहनियों के अन्दर से निकलती है। इसका मिटटी से कोई लेना देना नहीं होता. इसकी टहनी को किसी पेड़ पर फेंक दो तो ये वहीँ पर बढ़ने लग जाती है और पेड़ की टहनियों का रस चस कर जीवित रहती है। अमर बेल मिट्टी में नहीं होती इसी लिए आकाश बेल भी कहते हैं। अमर बेल गहरी पीली हरी रंग में पाई जाती है। अमर बेल का आर्युवेद जगत में विशेष स्थान है। आइये जानते हैं इसके फायदे

अमर बेल के फायदे

गठिया जोंड़ों के दर्द में अमर बेल

अमर बेल को घोटकर पेस्ट बना लें। गठिया जोंड़ों के दर्द अंगों जगह पर लेप लगाकर पट्टी कर दें। अमर बेल पेस्ट तुरन्त गठिया जोड़ों का दर्द सूजन ठीक करने में सक्षम है।

चोट लगने पर अमर बेल

चोट के घाव और दर्द निवारण के लिए अमर बेल खास है। घाव के चारो ओर अमर बेल पीसकर 1 चम्मच गाय के घी के साथ मिलाकर लगाने से घाव जल्दी भर जाती है। और दर्द भी नहीं होता है।

आंखों के लिए अमर बेल

नजर कमजोर होने पर, आंखों पर सूजन होने पर, अमर बेल का लेप आंखें की पलकों और माथे पर मालिश करने धीरे धीरे फायदा होता है। नजर तेज करने में अमर बेल सहायक है।
स्वस्थ व्यक्ति को भी अमर बेल का सेवन महीने में 1-2 बार जरूर करना चाहिए। अमरबेल कई तरह के रोगों को शरीर से दूर रखने में सक्षम है।

गंजेपन के लिए अमर बेल

गंजापन होने पर या बाल झड़ने पर 30 ग्राम अमर बेल को पीसकर उसमें 2 चम्मच तिल तेल मिलाकर सिर पर मसाज करने से बाल झड़ना रूक जाते हैं, और टूटे बाल पुन आने लगते हैं। अमर बेल बालों के लिए रामबाण दवा मानी जाती है। रोज अमर बेल को घोटकर बालों को धोने से जल्दी फायदा होता है। अमर बेल बालों से रूसी को जादू की तरह गायब कर देती है। अमर बेल जूं को और जूं अण्डे शीध्र नष्ट करने में सक्षम है।

बवासीर ठीक करे अमर बेल

बवासीर होने पर 20 ग्राम अमर बेल का स्वरस ले कर इसको 5 ग्राम जीरा पाउडर और 4 ग्राम काली मिर्च पाउडर में अच्छे से घोटकर 1 गिलास पानी में मिलाकर लगातार सुबह शाम तीन दिन पीने से खूनी और बादी बवासीर दोनों में ही बहुत आराम होता है।

 

Loading...

Leave a Reply