कांग्रेसियों का एक और कारनामा सेना विरोध पर ना आती तो सियाचिन भी दे देती कांग्रेस : मेजर जनरल जीडी बक्शी

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सेना न होती तो देश के अन्य हिस्से दुश्मन को दे देती कांग्रेस: जनरल बक्शी कांग्रेस सरकार ने सियाचिन सहित देश का कई हिस्सा दुश्मन देश को सौंपने का मन बना लिया था। वह तो सेना का शुक्र है जिसके विरोध के बाद सरकार बैकफुट पर आई।

यह दावा सेना के रिटायर्ड जनरल एवं रक्षा विशेषज्ञ जनरल जीडी बक्शी का है। गोरखपुर प्रवास के दौरान पत्रिका से बातचीत में जनरल बक्शी ने सर्जिकल स्ट्राइक की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ दशक में सेना का मनोबल तोड़ के रख दिया गया था। पाकिस्तान को एकदम खुली छूट जैसे मिल गई हो, वह जब चाह रहा था जहां चाहे वॉर कर रहा था। देश के अंदर हुए बम विस्फोट इसी का नतीजा थे।

जनरल बक्शी ने कहा कि 2000-2003 का वक़्त भी सेना के लिए बेहतर था। हालांकि, सेना ने अपने स्तर से सबकुछ किया था लेकिन उस दौरान भी पाकिस्तान को सीज़ फायर के लिए गिड़गिड़ाना पड़ा था। लेकिन जबसे मुशर्रफ से वार्ता शुरू हुई सब कुछ बदल गया। उसके बाद से सेना को सख्त हिदायत दे दी गई कि कोई जवाबी कार्रवाई नहीं होगी भले ही वह जो करे। इसी का नतीजा रहा कि वह देशभर में बम विस्फोट करते रहे और हम केवल शांति वार्ता करते रहे।

उन्होंने आंकड़े गिनाते हुए बताया कि पाकिस्तानी आतंकवाद की वजह से सन् 80 से अबतक करीब 80 हजार आम नागरिक, पुलिस और सेना के जवान मारे जा चुके हैं। सवाल किया कि दिल्ली में रणनीति तय करने वालों के लिए क्या इन जानों की कीमत कुछ नहीं। हम कीड़े मकोडो की तरह मारे जाए। हाथ पर हाथ धरे कब तक बैठे रहें।

जनरल बक्शी ने कांग्रेसी नेता संजय निरुपम के फर्जी सर्जिकल स्ट्राइक वाले बयान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कुछ लोगों को पच नहीं रही यह कार्रवाई। कहते हैं DGMO ने क्यों प्रेस कांफ्रेंस की। अरे, सेना का काम है तो वह नहीं करेगा तो कौन करेगा। 200 किलोमीटर के दायरे में सात जगह एक साथ आधी रात के बाद हमारे लड़ाके दुश्मन को मारकर आ जाते हैं और आप खुश होने की बजाये पाकिस्तान पर विश्वास कर रहे। उस पाकिस्तान पर जो हमेशा आपकी पीठ में खंजर घोंपता रहता है।

पाकिस्तान अगर स्वीकार कर लेगा तो उसके सेना की थू-थू होगी। भारतीय जवानों ने किस तरह घुस के मारा है वह आप आतंकी हाफीज़ सईद के बयान से उसकी बौखलाहट से अंदाज़ा लगाइये। उन्होंने कहा कि जिस बौखलाहट में वह कह रहा था कि हम बताएंगे सर्जिकल स्ट्राइक क्या होती है उससे साफ़ है चोट कहा लगी है। लेकिन पाकिस्तान की खुशामदी वाले दिल्ली में बैठे कुछ लोगों को यह नागवार लग रही। पहले भी ऐसे ही लोग सेना का मनोबल गिराये हैं। डेढ़ दशक में पहली बार सेना का मनोबल बढ़ा है और पूरा देश जश्न मना रहा।

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