जब छोटे मोटे काम में जाति नहीं देखते तो देश को बनाने वालों की जाति क्यों देखते हो

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■जब आपके बच्चे बीमार होते हैं, तो अपनी जाति के डॉक्टर नहीं देखते हो !
■जब भूख लगती है, तो अपनी जाति का होटल नहीं ढूंढने जाते हैं !

■जब व्यापार करना हो, तब सिर्फ अपनी जाति वालों से लेनदेन नहीं करते हो !
■जब ट्रेन बस टैक्सी में बैठते हो, तो ड्राइवर की जात पूछते हो क्या!

■जब अपने बच्चों को स्कूल भेजते हो, तब अपनी जाति का मास्टर नहीं देखते हो !
■जब बैंक से लोन लेना हो, तब अपनी जाति का बैंक नहीं देखते हो

आप स्वयं सोचें और थोड़ी सी अक्ल का इस्तेमाल करे
आप छोटे मोठे काम में जाति नहीं देखते, तो आप देश को बनाने में, और देश को बनाने वाले नेताओं की जाति क्यों देखते हो
जब जाति, जिंदगी सुचारू रूप से जीने में मायने नहीं रखती तो वोट देते समय ही क्यों, आप अपनी जाति का नेता देखते खोजते हो

याद रहे 100% जातिगत राजनीती करने वाले नेता आपके लिए नहीं बल्कि केवल अपने परिवार और तुष्टिकरण के लिए राजनीती करते है
भैया आप मत भूलो की आप वोट देकर देश और प्रदेश को चलाने वाला नेता चुन रहे हो, अपने लिए जीजा नहीं

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