बवासीर के मस्से का उपचार और घरेलु आयुर्वेदिक उपाय

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बवासीर के मस्से का उपचार और घरेलु आयुर्वेदिक उपाय :बवासीर (Hemorrhoids) 2 तरीके की होती है अंदरुनी और बाहरी। अंदर की पाइल्स में मस्से दिखाई नहीं देते पर बाहरी में मस्से गुदा से बाहर की और निकले होते है। इस रोग में जब मल त्यागते वक़्त खून निकलता है तो उसे खूनी बवासीर कहते है। ये खून इतना अधिक होता है की रोगी इसे देख कर घबरा जाता है। बाहरी बवासीर होने पर मस्से सूज कर मोटे हो जाते है जिससे इसमें दर्द, जलन और खुजली भी होने लगती है। आज हम आपको बताएंगे की बवासीर का उपचार घरेलू तरीके से कैसे करे और छुटकारा पाएं | natural home remedies for piles treatment in hindi.

बवासीर के मस्से का उपचार और घरेलु आयुर्वेदिक उपाय
बवासीर के मस्से का उपचार और घरेलु आयुर्वेदिक उपाय

नारियल की राख से बवासीर का घरेलु उपाय

Bawaseer  के मस्सों से परेशान व्यक्ति न तो ठीक से कुछ खा पी सकता है और न ही ठीक से बैठ पाता है। बाहरी मस्सों का इलाज डॉक्टर और आयुर्वेदिक चिकित्सक ऑपरेशन या दवा से कर देते है क्योंकि ये गुदा में बाहर की तरफ निकले होते है पर भीतरी मस्सों का उपचार करना थोड़ा मुश्किल होता है क्योंकि ये मस्से गुदा के अंदर की तरफ होते है।

            बवासीर का उपचार के घरेलू उपाय और देसी नुस्खे

  Bawaseer ka Upchar ke Gharelu Upay aur Desi Nuskhe

1. खुनी बवासीर होने पर दही या लस्सी के साथ कच्चा प्याज खाने से फायदा मिलता है।

2. कैसी भी बवासीर हो कच्ची मूली खाने या इसका रस पीना चाहिए। एक बार में मूली का रस 25 से 50 ग्राम तक ही ले।

बेल के पत्ते से बवासीर का उपचार और घरेलु उपाय

3. आम और जामुन की गुठली के अंदर वाले हिस्से को सुख कर पीस ले और इसका चूर्ण बना ले। रोजाना 1 चम्मच चूर्ण पानी या लस्सी के साथ लेने से खुनी बवासीर में आराम मिलता है।

4. शरीर में कब्ज़ रहती हो और पेट ठीक से साफ़ न होता हो तो इसबगोल की भूसी का प्रयोग करे।

5. 50 से 60 ग्राम बड़ी इलायची तवे पर भून ले और ठंडी होने के बाद इसे पीस कर चूर्ण बना ले। रोजाना सुबह खाली पेट इस चूर्ण को पानी के साथ लेने से पाइल्स ठीक होती है।

6. 100 ग्राम किशमिश रात को सोने से पहले पानी में भिगो कर रखे और सुबह इसी पानी में किशमिश को मसलकर इस पानी का सेवन करे। कुछ दिन निरंतर इस उपाय को करने से बवासीर ठीक होने लगती है।

अरीठा है बवासीर का अचूक घरेलू नुस्खा

7. 10 से 12 ग्राम धुले हुए काले तिल ताजा मक्खन के साथ खाने से khooni bawaseer में खून का आना बंद होता है। एक चौथाई चम्मच दालचीनी 1 चम्मच शहद में मिला कर खाने से भी पाइल्स में राहत मिलती है।

अगर आप को बवासीर बार बार होती है तो दोपहर के खाने के बाद लस्सी (छाछ) का सेवन करे। लस्सी में थोड़ा सा सेंधा नमक और अजवाइन मिला कर पिये।

  बवासीर के मस्से का उपचार और घरेलु आयुर्वेदिक उपाय

 Bwaseer ke masse ka upchar or gharelu ayurvedic upay

बवासीर के मस्सों का रामबाण इलाज

  1. 80 ग्राम अरंडी के तेल को गरम कर ले फिर इसमें 10 ग्राम कपूर मिला कर रखे। मस्सों को साफ़ पानी से धो कर इसे किसी कपड़े से पोंछ ले और अरंडी के इस तेल से मस्सों पर हलके हाथों से मालिश करे। इस देसी नुस्खे को दिन में 2 बार करने से मस्सों की सूजन, दर्द, खारिश और जलन में आराम मिलता है।
  2. थोड़ी सी हल्दी को सेहुंड के दूध में मिलाकर इसकी 1 बूंद मस्से पर लगाने से मस्सा ठीक हो जाता है। .
  3. सहजन के पत्ते और आक के पत्तों का लेप लगाने से भी मस्सों से जल्दी छुटकारा मिलता है।
  4. कड़वी तोरई के रस में हल्दी और नीम का तेल मिला कर एक लेप बना ले और मस्सों पर लगाये। इस उपाय के निरंतर प्रयोग से हर तरह के मस्से ख़तम हो जाते है। आइये जानिए  बवासीर के मस्से का उपचार और घरेलु आयुर्वेदिक उपाय

बादी और खूनी बवासीर का आयुर्वेदिक उपाय

अंजीर का सेवन पाइल्स के इलाज में बेहद लाभकारी है। रात को सोने से पहले 2 सूखे अंजीर पानी में भिगो कर रखे और सुबह खाये और 2 अंजीर सुबह भिगो कर रख दे जिसे आप शाम को खाये। अंजीर खाने के आधा से पोना घंटा पहले और बाद में कुछ खाये पिये नहीं। 10 से 12 दिन लगातार इस नुस्खे को करने से खुनी और बादी हर तरीके की बवासीर से राहत मिलती है।

बवासीर के इलाज की बाबा रामदेव की दवा

बावासीर के मस्सों से छुटकारा पाने के लिए अगर आप आयुर्वेदिक मेडिसिन लेना चाहे तो बाबा रामदेव पतंजलि स्टोर से आप दिव्य अर्श कल्प वटी ले सकते है। इस दवा की 1 से 2 गोली दिन में दो बार पानी या लस्सी के साथ ले।

योगा से बवासीर का उपचार

शरीर को स्वस्थ रखने और बीमारियों से जल्दी राहत पाने में योगा करना अच्छा उपाय है। बवासीर के योगा में अनुलोम – विलोम और कपालभाती प्राणायाम दिन में 2 बार करे। अगर आप प्राणायाम करने की सही प्रक्रिया नहीं जानते तो आप किसी योग गुरु की मदद ले।

बवासीर में क्या खाये

  1. करेले का रस, लस्सी, पानी।
  2. दलिया, दही चावल, मूंग दाल की खिचड़ी, देशी घी।
  3. खाना खाने के बाद अमरुद खाना भी फायदेमंद है।
  4. फलों में केला, कच्चा नारियल, आंवला, अंजीर, अनार, पपीता खाये।
  5. सब्जियों में पालक, गाजर, चुकंदर, टमाटर, तुरई, जिमीकंद, मूली खाये।

बवासीर में परहेज

बवासीर का उपचार में जितना जरुरी ये जानना है की क्या खाये उससे जादा जरुरी इस बात की जानकारी होना है की क्या नहीं खाये।

  • तेज मिर्च मसालेदार चटपटे खाने से परहेज करे।
  • मांस मछली, उडद की दाल, बासी खाना, खटाई ना खाएं।
  • डिब्बा बंद भोजन, आलू, बैंगन।
  • शराब, तम्बाकू।
  • जादा चाय और कॉफ़ी के सेवन से भी बचे।

राजीव दीक्षित के घरेलू उपाय नुस्खे और देसी आयुर्वेदिक उपचार

बवासीर के मस्से का उपचार और घरेलु आयुर्वेदिक उपाय

दोस्तों बहुत से लोग इस बीमारी से प्रभावित है पर हम कुछ बातों का ध्यान रख कर इससे बच सकते है।

  1. खाने पिने की बुरी आदतों से परहेज करे जैसे धूम्रपान और शराब।
  2. खाने में मसालेदार और तेज मिर्च वाली चीजें न खाये।
  3. पेट से जुडी बीमारियों से बचे।
  4. कब्ज़ की समस्या बवासीर का प्रमुख कारण है इसलिए शरीर में कब्ज़ न होने दे।
  5. गर्मियों के मौसम में दोपहर को पानी की टंकी का पानी गरम हो जाता है, ऐसे पानी से गुदा को धोने से बचे।

आप पाइल्स के परेशान है और इससे छुटकारा पाने के लिए ऑपरेशन करवाने का सोच रहे है तो घरेलू और आयुर्वेद तरीके उपचार, बवासीर के मस्से का उपचार और घरेलु आयुर्वेदिक उपाय करके देखें

दोस्तों बवासीर का उपचार के घरेलू उपाय और देसी नुस्खे, piles treatment की ये पोस्ट आपको कैसी लगी हमें जरूर बताये और अगर आप के पास बवासीर के मस्से का इलाज के आयुर्वेदिक नुस्खे,  बवासीर के मस्से का उपचार और घरेलु आयुर्वेदिक उपाय है तो हमारे साथ शेयर जरूर करे। Bawasir ka ilaj upay aur gharelu nuskhe से जुड़े आपके अनुभव और सुझाव भी हमे जरूर दें

 

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