बहादुरी और जांबाजी के मायने बदल कर रख दिए इस कारगिल के जवान नें पढ़े इनकी अनोखी कहानी

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कारगिल युद्ध में वीरता की एक नई मिसाल कायम करने वाली भारतीय सेना ने पूरे विश्व पटल पर भारत का सीना चौड़ा कर दिया था,आइये जानते हैं ऐसे ही एक वीरता के प्रमाण को जिसने अपनी बहादुरी से दुश्मनों के छक्के छुड़ा दिए थे , उनका नाम है Captain Neikezhakuo Kenguruse जिसने घायल अवस्था में भी अकेले अपने दम पे दुश्मनों के 7 bunkar उड़ा दिए थे| बात 28 जून 1999 की रात की है जब उनको सीनियर ऑफिसर ने पाकिस्तान आर्मी के मशीनगन पोस्ट क्लिफ फेस के खिलाफ मोर्चा सँभालने के लिए भेजा |

कप्तान और उनकी टीम क्लिफ फेस पर चढ़ाई कर ही रहे थे की पाकिस्तानी सेना ने गोलियां चलानी शुरू कर दी लेकिन भारतीय सैनिकों ने जो एक बार ठान लिया तो दुश्मन को मिट्ठी में मिला कर ही दम लेते हैं | इस दौरान Captain Neikezhakuo को सीने में गोलियां भी लगी पर वह रुके नहीं , अब आगे की चढ़ाई रस्सी के सहारे करनी थी तो Captain ने खुद मोर्चा संभाला और सबसे आगे गए |

अब आपको बता दें की वह पहाड़ 16,000 फीट ऊँचा था और वहां का तापमान -10 डिग्री था ऐसी हालत में जूते पकड़ को कमजोर कर रहे थे , तो उन्होंने नंगे पैर चढ़ाई शुरू कर दी| और फिर Captain ने नंगे पैरों से मजबूत पकड़ बनाकर चढ़ाई पूरी कर ली ,Captain ने अपने साथ में RPG rocket launcher रखा हुआ था जिससे उन्होंने वहां पर मौजूद पाकिस्तानी आर्मी के 7 bunkar की धज्जियाँ उड़ा दी और फिर हथियार की कमी के कारण वीरगती को प्राप्त हो गए |

जब उनकी टीम के सदस्यों ने उनका मृत शरीर देखा तो वह रो पड़े और बोले की यह आपकी जीत है निम्बू साहब ,यह आपकी जीत है | हम आपको बता दें की उनकी उम्र सिर्फ 25 वर्ष थी | भारत माता के इस वीर सपूत को हमारा सलाम, जिसने यह अकल्पनीय कार्य कर दिखाया |

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