ये मुस्लिम परिवार कह रहा है इसकी रोजी भगवान भोलेनाथ की कृपा से चल रही है जरूर देखें

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गोरखपुर, इलाहीबाग का यह परिवार कांवड़ियों के लिए थैले तैयार करता है। यह परिवार है मुहम्मद कलीम का, और वह सिलाई में माहिर हैं। परन्तु अनोखी बात तो यह है कि यह कपड़े सिर्फ कांवड़ियों के सिलते हैं। इनके घर जाने पर आप हर तरफ केसरिया कपड़ों के टुकड़े देखेंगे, जिन्हें यह जोड़कर थैले तैयार करतें हैं। उनका कहना हैं कि ‘ईश्वर अल्लाह सब एक हैं।

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इससे बड़ा सम्प्रदायक भाईचारे का उदाहरण क्या होगा। और वह ये अब से नहीं, बल्कि उन्होंने जबसे होश संभाला है तभी से वह बाबा धाम जाने वाले कावड़ियों के कपड़े सिल रहे हैं। यह इनके खानदान का पुश्तैनी काम है। उनके पिता और दादा भी कांवड़ियों के कपड़े सिलते थे। आजकल इस काम में उनकी बीवी शाफीकुन्निसा उनका साथ देती हैं। उनके दोनों छोटे बेटे भी पढ़ाई से समय निकालकर मदद करते हैं।

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उनके द्वारा सिले गए कपड़ों की बाजार में काफी मांग है। आप को यह जानकर ख़ुशी होगी, कि बाबा धाम की यात्रा पर निकलने वाले गोरखपुर और आसपास के जिलों के अधिकतर कांवड़िये कलीम को जानते हैं। वह सब अपनी यात्रा से पहले उनसे ही कपड़े सिलवाते हैं। उनका कहना हैं कि कलीम के द्वारा सिले कपड़ों की अच्छी सिलाई होती हैं। उनका यह रोजगार, एकता की नींव को मजबूत करने का काम भी कर रहा है।

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‘कपड़े तो कांवड़िये खुद लाते हैं मुझे तो सिर्फ मेहनत करनी है। मुझे इतनी कीमत मिल जाती है कि काम चल जाता है।’

कलीम सावन के महीने से पहले ही तैयारी शुरू कर देते हैं। सावन के महीने में उन्हें एक एकदम फुर्सत नहीं होती। वह और उनका परिवार दिन-रात काम करते हैं। और उनका कहना हैं कि वह इन कपड़ों की पवित्रता का पूरा ध्यान रखते हैं।

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