अपने बच्चों को विदेशों में पढ़ाते हैं कश्मीरी लड़कों से पत्थर फिंकवाने वाले

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ट्रेंडी आउटफीट में पत्नी के साथ यासीन मालिक की यह फोटो वायरल हो गई थी। जिन कश्मीरी अलगाववादी नेताओं के एक इशारे पर लोग सड़कों पर उतर आते हैं। शहर बंद कर देते हैं। पत्थर बरसाते हैं, उनके बच्चे और नाते-रिश्तेदार कश्मीर में नहीं रहते। विदेशों में रहते हैं तमाम सुख-सुविधाओं के साथ। कुछ के परिवार और बच्चे मलेशिया, कनाडा, ब्रिटेन और अमेरिका में हैं। कइयों के बच्चे दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में रहकर या तो पढ़ाई कर रहे हैं या फिर ऊंची नौकरी। स्पेशल रिपोर्ट में पढ़ें वह सवाल, क्यों अलगाववादी दूसरों के बच्चों को बंदूक उठाकर मरने के लिए उकसाते हैं…
– अलगाववादी नेताओं की नीयत पर यह सवाल उठाया है जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के संस्थापकों में से एक हाशिम      कुरैशी के बेटे जुनैद कुरैशी ने।
– ये वही हाशिम कुरैशी है, जो 30 जनवरी 1971 को इंडियन एयर लाइंस का प्लेन हाईजैक कर लाहौर ले गया था।
– वहां पैसेंजर्स को छोड़ दिया गया था पर प्लेन में आग लगा दी गई थी। हालांकि बाद में हाशिम कुरैशी ने आतंक की राह     छोड़ दी
– जुनैद ने कहा है कि कश्मीरी नौजवान अलगाववादियों से ये सवाल पूछें कि अगर बंदूक उठाना जरूरी है तो फिर वे क्यों    अपने बच्चों को बंदूक नहीं थमाते?
बड़े होने पर अपने बच्चों को कश्मीर से बाहर भेज देते हैं अलगाववादी नेता
– दरअसल, जैसे ही अलगाववादी नेताओं के बच्चे थोड़े बड़े हो जाते हैं उन्हें कश्मीर से बाहर भेज दिया जाता है।
– ऐसा कश्मीर के लगभग हर अलगाववादी नेता ने किया है। फिर चाहे वह तहरीक-ए-हुर्रियत के नेता सैय्यद अली शाह      गिलानी हो, हिजबुल सरगना सैय्यद सलाउद्दीन हो या फिर दुखतरान- ए-मिल्लत की आसिया अंद्राबी हो।
– इनके बच्चे कभी किसी प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए हैं। ये न पथराव करते हैं और न ही आतंकी बनते हैं।
– बात चाहे वर्ष 2008 के दंगों की हो या फिर 2010 की हो या फिर अभी कुछ दिनों से जो कश्मीर में चल रहा है उसकी    हो।
– कई बार तो ऐसा भी देखने में आया है कि इन नेताओं के बच्चे उस दौरान कश्मीर में आए और उन्हें तुरंत वापस भेज      दिया गया।
– कभी किसी नेता ने कश्मीर के खराब हालात के दौरान अपने बच्चों को नहीं बुलाया। हर बार दंगों में इन नेताओं के बच्चे बाहर ही रहे हैं।
यासीन मालिक : दूसरी महिलाआें के लिए इस्लामिक ड्रेस, पर पत्नी के लिए नहीं
2015 में मलिक और पत्नी मुशहाला का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। दोनों ट्रेंडी आउटफिट में थे। जबकि मलिक कश्मीरी मुस्लिम महिलाअों के लिए इस्लामिक ड्रेस कोड का सपोर्ट करते हैं।
– पाकिस्तानी लड़की मुशहाला हुसैन से 2009 में मलिक ने शादी की थी। वे न्यूड पेटिंग्स बनाने वाली आर्टिस्ट हैं।
लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से ग्रैजुएट है। मुशहाला के पिता एमए हुसैन पाकिस्तान में इकोनॉमिस्ट हैं।
– मां पाकिस्तान मुस्लिम लीग की वुमन विंग की चीफ हैं। मलिक 2012 में बेटी के पिता बने।
अपने बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर बना रहे हैं ये अलगाववादी नेता
#1. मीरवाइज उमर फारूक, हुर्रियत नेता
-अमेरिकी मूल की मुस्लिम शीबा मसदी से शादी की है। एक बेटी है, जो मां के साथ अमेरिका में ही रहती है। उसकी बहन राबिया फारूक अमेरिका में डॉक्टर है।
#2. मोहम्मद अशरफ सहराई, हुर्रियत नेता
-कभी गिलानी का उत्तराधिकारी माना जा रहा मोहम्मद अशरफ सहराई का बेटा आबिद दुबई में कंप्यूटर इंजीनियर है।
#3. गुलाम मोहम्मद सुमजी, हुर्रियत नेता
-इनका बेटा जुगनू दिल्ली में पढाई कर रहा है। वह छोटी आयु में ही दिल्ली भेज दिया गया। रिश्तेदारों के पास रहकर पढ़ाई कर रहा है।
#4. फरीदा, दुख्तरान-ए-मिल्लत
-महिला अलगावादी नेता फरीदा का बेटा रूमा मकबूल साउथ अफ्रीका में डॉक्टर है। 2014 के चुनावों मे फरीदा को गिरफ्तार कर लिया गया था।
#5. मसरत आलम, हुर्रियत नेता
-उसके दो बेटे हैं। दोनों की आयु कम है। वह श्रीनगर के ही एक स्कूल में पढाई करते है। मसरत 2008-10 में प्रदर्शनों का मास्टरमाइंड रहा है।
#6. एयाज अकबर, हुर्रियत नेता
सैय्यद अली शाह गिलानी गुट के प्रवक्ता एयाज अकबर का बेटा सरवर याकूब पुणे में रहकर मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहा है।

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