देखिये अनुष्का शर्मा कह रही है मुझे ईद बकरीद से लगाव है और दीपावली जैसे हिंदुओं के त्यौहार से नफरत है

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बॉलीवुड के फिल्मबाज़ कितने हिंदू विरोधी है ये आप पहले से जानते है परंतु आज हम अनुष्का शर्मा जो सेक्युलर भारतीयों की रोल मॉडल है  उसकी एक बेशर्मी दिखाएँगे, ऐसी बेशर्मी केवल फ़िल्मबाजों से ही उम्मीद की जा सकती है

ये वो अनुष्का शर्मा है जो ईद को छोड़िये बकरीद पर भी सबको शुभकामना देती है, ईद और बकरीद को बेहद अच्छा बताती है  परंतु दीपावली आयी नहीं और दीपावली पर शोर, जानवरो की मौत, पक्षियों की मौत की बात कर दीपावली पर अपना सेकुलरिज्म दिखाने लगी

ये बॉलीवुड के फिल्मबाज़, साल भर AC कमरो से बाहर नहीं आते, और दीपावली के दिन “ओजोन लेयर” और प्रदुषण की बात करते है  शूटिंग करते हुए दिन रात जनरेटर जलाते है, डीजल से इनके जनरेटर दिन रात जलते है वो भी साल के सभी दिन, परंतु प्रदुषण की बात इनको दीपावली पर याद आती है

आप सबसे पहले देखें अनुष्का शर्मा की बेहद बेशर्मी भरी करतूत

NOTE : क्या आपने कभी ऐसे फ़िल्मबाजों को नए साल पर पटाखों के प्रदुषण पर बोलते सुना है, दीपावली से 30 गुना अधिक पटाखे पुरे दुनिया में नए साल पर फोड़े जाते है

अनुष्का शर्मा बता रही है की, दीपावली पर हिन्दू समाज निर्दयता करता है, शोर करता है, जानवरो का क़त्ल करता है
इस जैसे फिलबाजो की औकात नहीं की “बकरीद” पर कुछ बोल सके, इनकी हैसियत नहीं की आतंकवाद के खिलाफ कुछ बोल सके, बस हिन्दुओ को नीचा  दिखाने का ठेका इन फ़िल्मबाजों ने ले रखा है

आपको बता दें की वही अनुष्का शर्मा है जो करण जोहर की फिल्म “ऐ दिल है मुश्किल” में भी है वो भी पाकिस्तानी कलाकार फवाद खान के साथ  क्या इस धूर्त अभिनेत्री ने उडी हमले पर कुछ बोला, पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ 1 शब्द बोला, बस चले आते है ऐसे लोग हिन्दुओ में हीन भावना डालने

आखिर इन लोगों को होली दीपावली में समस्या नजर आती है, बकरीद पर करोडो जानवरो का खून सड़को पर बहता हुआ नजर नहीं आता  ये वही अनुष्का शर्मा है जो आमिर खान की हिन्दू विरोधी फिल्म “PK” में भी थी

भारत के लोग भी जरा शर्म करे, जो उन्होंने इस जैसे घिनोने दोगले लोगों को सर पर बिठा रखा है, दीपावली को बुरा बताने वाले बकरीद “पीसफुल” बताते है, इन लोगों को दीपावली पर प्रदुषण नजर आता है परंतु नए साल पर दुनिया भर में दीपावली से भी 20 गुना अधिक पटाखे फोड़े जाते है  उसपर इनकी बोलने की हैसियत तक नहीं, देश के लोग जरा सोचे इन फ़िल्मबाजों के बारे में

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