अब होगी आतंकवाद के खिलाफ जंग डोनल्ड ट्रम्प ने की पुतिन और मोदी से बात दोनों हुए तैयार

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हाल फिलहाल में विश्व स्तर पर एक खबर ने पूरी दुनिा में सुर्खियां बटोरी। ये खबर अमेरिका से संबंधित है। डोनल्ड ट्रम्प अमेरिका के नए राष्ट्रपति चुने गए। ट्रम्प का राष्ट्रपति बनना एक बड़ी घटना है। इस से कई देशों के साथ अमेरिका के संबंधों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। खास तौर पर रूस के साथ अमेरिकी संबंधों को लेकर चर्चा शुरू भी हो गई है। दरअसल ट्रम्प ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि वो रूस के साथ मिलकर काम करने के लिए कोशिश करेंगे। अब विश्व के सबसे शक्तिशाली देश के नए राष्ट्रपति ट्रम्प ने पहली बार रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की। इस बात का असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। ट्रम्प और पुतिन के संबंधों पर पाकिस्तान से लेकर चीन तक की नजर बनी हुई है।

अमेरिका के संबंध हाल के दिनों में भारत के साथ तेजी से बदले हैं। भारत और अमेरिका अब अहम साझीदार हैं। इस से पाकिस्तान को मिर्ची लग रही है। पाकिस्तान को मिलने वाली अमेरिकी सहायता में कटौती भी कर दी गई है। वहीं नए राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की है। वो मोदी से प्रभावित दिखाई दे रहे हैं। रूस और भारत के संबंध दशकों पुराने हैं। रूसी राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी के बीच भी अच्छे ठीकठाक संबंध हैं। ऐसे में अगर भारत को दो सहयोगी देश जिनकी आपस में नहीं बनती है वो साथ आ जाएंगे तो क्या होगा। इसी बात से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। रूस कभी भी पाकिस्तान का अहम साझादीर नहीं रहा है। बल्कि अफगान युद्ध में पाकिस्तान ने रूस के खइलाफ अमेरिका की मदद की थी।

इन सारे समीकरणों के बाद अब डोनल्ड ट्रम्प और व्लादिमीर पुतिन की फोन पर बातचीत नए समीकरणों की तरफ इशारा कर रही है। दोनों देश संबंधों के अत्यंत असंतोषजनक हालात को सामान्य करने और आतंकवाद से निपटने के लिए तैयार दिख रहे हैं। ट्रम्प ने कहा कि पुतिन ने चुनाव जीतने के बाद फोन करके उन्हे बधाई दी। दोनों नेताओं ने साझे खतरों, रणनीतिक, आर्थिक मामलों और अमेरिका-रूस के ऐतिहासिक संबंधों समेत कई मसलों पर चर्चा की। बता दें कि पुतिन ने ट्रम्प की जीत के एक घंटे बाद ही उनको बधाई संदेश भेजा था। जाहिर है कि पुतिन भी ट्रम्प के साथ काम करने को लेकर उत्साहित दिखाई दे रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो ये दोनों देशों के साथ साथ भारत के लिए भी फायदेमंद स्थिति हो सकती है। डोनल्ड ट्रम्प और पुतिन की टेलिफोनिक बात को लेकर चीन के भी कान खड़े हो गए हैं।

हाल के दिनों में जिस तरह से विश्व स्तर पर शक्ति संतुलन बदला है वो काफी अहम है। डोनल्ड ट्रम्प का अमेरिका का राष्ट्रपति बनना भारत के नजरिए से ठीक माना जा रहा है। ट्रम्प की नीतियां भारत के हित में होगी। ओबामा काल में जिस मोड़ तक भारत और अमेरिका के संबंध पहुंचे थे ट्रम्प उन्हे ही आगे बढ़ाएंगे। दूसरा रूस और अमेरिका आतंकवाद के खतरों से भलि भांति परिचित हैं। पाकिस्तान द्वारा आतंकियों को पनाह देने के मसले पर दोनों देश नाराजगी जता चुके हैं। ऐसे में अगर दोनों आतंकवाद के खिलाफ जंग के लिए एकजुट हो जाते हैं तो ये पाकिस्तान के लिए खतरनाक स्थिति हो जाएगी। वहीं चीन चाहकर भी कुछ नहीं कर पाएगा। अमेरिका चीन को रोकने के लिए भारत को बढ़ावा दे रहा है। ऐसे में ये कहा जा सकता है कि अमेरिका और रूस के संबंधों के सुधरने का फायदा भारत को मिल सकता है।

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