जानिए सौ साल तक लंबी और स्वस्थ आयु पाने के लिए विशेष सप्त धातु पोषक चूर्ण

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आयुर्वेद के अनुसार शरीर में सप्त धातु होतें हैं, पूरा शरीर इनके द्वारा ही ऑपरेट होता है, आज हम आपको जो सप्त धातु पोषक चूर्ण के बारे में बताने जा रहें हैं ये उत्तम रसायन है, यह नस नाड़ियों एवम वात वाहिनियों को शक्ति प्रदान करता है. सात्विक भोजन औ सदाचरण के साथ इसके निरंतर सेवन से रोग प्रतिरोधक शक्ति बनी रहती है, और वृद्ध अवस्था के रोग नहीं सताते. इसको बनाने के लिए ज़रूरी सामग्री है अश्वगंधा (असगंध) 100 ग्राम, आंवला चूर्ण 100 ग्राम, हरड 100 ग्राम, इन तीनो चीजों के चूर्ण को आपस में मिला लीजिये, अभी इसमें 400 ग्राम पीसी हुयी मिश्री मिला लीजिये. और इसको किसी कांच की भरनी में भर कर रख लीजिये. प्रतिदिन एक चम्मच गर्म पानी के साथ या गर्म दूध के साथ ये चूर्ण पूरे साल फांक सकते हैं. जो व्यक्ति पूरी उम्र इसको खायेगा उसकी तो आयु कितनी होगी इसका अंदाजा भी लगा पाना मुश्किल है. अगर कोई व्यक्ति इसको 3 महीने से 1 साल तक खायेगा तो उसका शरीर भी कई सालों तक निरोगी रहेगा. इस योग को बनाने के लिए बस एक बात का ध्यान रखें के सभी वस्तुएं साफ़ सुथरी ले कर ही चूर्ण बनवाएं, कीड़े वाली अश्वगंधा ना लें. इसलिए ये सामग्री किसी विश्वसनीय दुकानदार से ही लें

शरीर की सप्त धातुएँ

  • रक्त
  • मेद
  • मज्जा
  • रस
  • मांस
  • अस्थि
  • शुक्र

शायद आपको पता ना हो मगर आपके किये हुए भोजन से शुक्र बनने का क्रम बहुत लम्बा है, और वही शरीर का सार है, मगर हम अपने क्षणिक आनंद के लिए इसको तुरंत निकाल देते हैं. इसलिए ही हमारे पूर्वजों ने ब्रह्मचार्य रक्षा के लिए अनेक कार्य किये, और सम्भोग को भी करने के लिए कुछ सिद्धांत निर्धारण किये, मगर हम लोगों ने अपने जीवन का पतन अपने ही हाथों से किया.

अगर कोई रोगी या बीमार व्यक्ति जिसको चाहे कब्ज हो या कोई भी बड़ा रोग हो उसको इस चूर्ण को सेवन करने से पहले एक बार शरीर को शोध लेना चाहिए, उसके लिए हमने एक बहतरीन चूर्ण बताया था शरीर शोधन चूर्ण. उसको भी बनाना बहुत आसान है, उसको बना कर उसका सेवन करें. जब काया एक बार साफ़ हो जाएगी तो ये चूर्ण ग़ज़ब का असर दिखायेगा

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